इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से अपने अंतरिक्ष यात्री वापस क्यों बुला रहा NASA? पहली बार हो रहा ऐसा

अंतरिक्ष मिशनों को बेहद सुरक्षित और योजनाबद्ध माना जाता है, लेकिन कभी-कभी ऐसे हालात भी बन जाते हैं जब इंसानी सेहत तकनीक से बड़ी चुनौती बन जाती है. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन यानी ISS से जुड़े अपने एक अहम मिशन को तय समय से पहले खत्म करने का ऐलान कर सबको चौंका दिया है.

Why is NASA recalling its astronauts from the International Space Station
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नई दिल्ली: अंतरिक्ष मिशनों को बेहद सुरक्षित और योजनाबद्ध माना जाता है, लेकिन कभी-कभी ऐसे हालात भी बन जाते हैं जब इंसानी सेहत तकनीक से बड़ी चुनौती बन जाती है. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन यानी ISS से जुड़े अपने एक अहम मिशन को तय समय से पहले खत्म करने का ऐलान कर सबको चौंका दिया है. यह फैसला किसी तकनीकी खराबी की वजह से नहीं, बल्कि एक अंतरिक्ष यात्री की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए लिया गया है. नासा के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी मिशन को मेडिकल इमरजेंसी के चलते बीच में समाप्त किया जा रहा है.

एक अंतरिक्ष यात्री की तबीयत बनी चिंता की वजह

नासा की ओर से जारी बयान के मुताबिक ISS पर मौजूद चार अंतरिक्ष यात्रियों में से एक को गंभीर मेडिकल देखभाल की जरूरत पड़ गई है. स्थिति को देखते हुए नासा ने यह तय किया कि जोखिम उठाने के बजाय पूरी टीम को समय से पहले पृथ्वी पर वापस लाया जाए. हालांकि एजेंसी ने गोपनीयता का हवाला देते हुए न तो उस अंतरिक्ष यात्री की पहचान उजागर की है और न ही बीमारी से जुड़ी कोई विस्तृत जानकारी साझा की है.

स्पेस वॉक भी करना पड़ा रद्द

मेडिकल इमरजेंसी का असर सिर्फ मिशन की अवधि तक सीमित नहीं रहा. नासा को नए साल की शुरुआत में होने वाला अपना पहला स्पेस वॉक भी रद्द करना पड़ा. इससे साफ है कि अंतरिक्ष में स्वास्थ्य से जुड़ा कोई भी असामान्य संकेत पूरे मिशन की दिशा बदल सकता है. नासा ने प्राथमिकता स्पष्ट करते हुए कहा कि अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा किसी भी वैज्ञानिक लक्ष्य से ऊपर है.

क्यों वापस बुलाए जा रहे हैं अंतरिक्ष यात्री

नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड आइजकमैन ने बताया कि क्रू-11 स्पेस मिशन के दौरान सामने आई मेडिकल समस्या के बाद क्रू सदस्यों को वापस बुलाने का फैसला लिया गया. उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष में मौजूद मेडिकल सुविधाएं सीमित होती हैं और ISS पर किसी बीमारी का विस्तृत परीक्षण और इलाज संभव नहीं है. इसी वजह से मेडिकल अधिकारियों ने अंतरिक्ष यात्री को जल्द से जल्द पृथ्वी पर लाने की सिफारिश की.

मिशन को बीच में खत्म करने की मजबूरी

नासा के चीफ हेल्थ एंड मेडिकल ऑफिसर जेम्स पोल्क के मुताबिक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर जरूरी मेडिकल हार्डवेयर तो उपलब्ध है, लेकिन किसी गंभीर मरीज की पूरी जांच और इलाज के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. उन्होंने कहा कि इस मामले में अंतरिक्ष यात्री की हालत को लेकर चिंता थी, इसलिए बिना देरी किए मिशन को बीच में ही खत्म करने का निर्णय लिया गया, ताकि पृथ्वी पर सही मेडिकल सुविधा मिल सके.

नासा के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा

नासा के एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर अमित ने इस फैसले को असामान्य लेकिन जरूरी बताया. उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब किसी अंतरिक्ष मिशन में कंट्रोल्ड मेडिकल इवैक्यूएशन का फैसला लिया गया है. उनके अनुसार, क्रू सदस्यों ने ऑनबोर्ड ट्रेनिंग के जरिए अप्रत्याशित मेडिकल स्थिति को संभाला, लेकिन हालात को देखते हुए मिशन रोकना ही बेहतर विकल्प था.

कौन-कौन अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर लौटेंगे?

नासा-स्पेसएक्स क्रू-11 मिशन में कुल चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं. इनमें अमेरिका के माइक फिंके और जेना कार्डमैन, जापान के किमिया यूई और रूस के ओलेग प्लाटोनोव शामिल हैं. अब ये सभी तय समय से पहले पृथ्वी पर वापस लौटेंगे, ताकि मेडिकल इमरजेंसी से जूझ रहे अंतरिक्ष यात्री को पूरी जांच और इलाज मिल सके.

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