US Seizes Oil Tanker Olina Caribbean: अमेरिकी सेना ने लगातार तीसरे दिन कैरिबियन सागर में ‘ओलिना’ (Olina) नामक तेल टैंकर को जब्त कर लिया है. यह कार्रवाई वेनेज़ुएला के खनन तेल पर नियंत्रण को लेकर ट्रंप प्रशासन की सख्त रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है.
अमेरिकी मरीन और नेवी के जवानों ने पूर्व-सुबह के ऑपरेशन में इस तेल टैंकर को रोका और फिर पूरी तरह से अपने नियंत्रण में ले लिया. अब तक यह पांचवां टैंकर है जिसे अमेरिकी बलों ने इसी अभियान के तहत जब्त किया है. अमेरिकी दक्षिणी कमान (US Southern Command) ने इस जब्ती की पुष्टि करते हुए कड़ा संदेश जारी किया: “अपराधियों के लिए अब कहीं भी छिपने की जगह नहीं है.”
#BREAKING: US Southern Command says: In a pre-dawn action, Marines & Sailors from Joint Task Force Southern Spear in support of the Department of Homeland Security launched from the USS Gerald R. Ford and apprehended Motor/Tanker Olina in the Caribbean Seapic.twitter.com/dLnx4tEIE8
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) January 9, 2026
इस अभियान का मकसद केवल तेल पर नियंत्रण रखना ही नहीं है, बल्कि राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार को कमजोर करना और उसे सत्ता से बेदखल करने की अमेरिकी रणनीति को भी मजबूत करना माना जा रहा है. अभियान की शुरुआत के बाद अब तक कुल पांच टैंकर जब्त किए जा चुके हैं.
पहले भी जब्त किए जा चुके थे रूस के टैंकर
इससे पहले अमेरिकी सेना ने उत्तरी अटलांटिक में रूस के झंडे वाले टैंकर ‘मैरिनेरा’ (Marinera) को जब्त किया था, जबकि दूसरा रूसी जहाज कैरिबियन सागर में पकड़ा गया था. इस कार्रवाई के बाद मॉस्को और वॉशिंगटन के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया. अमेरिकी सैनिक कई दिनों से ‘मैरिनेरा’ जहाज का पीछा कर रहे थे.
रूस के परिवहन मंत्रालय ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया. इस जहाज के चालक दल में तीन भारतीय नागरिक भी शामिल थे, जिनकी सुरक्षित रिहाई के लिए मॉस्को ने अमेरिका से अपील की.
अमेरिका द्वारा जब्त किए गए अन्य टैंकर
अमेरिका ने एक और टैंकर ‘एम/टी सोफिया’ को संदिग्ध गतिविधियों के आरोप में जब्त किया. वहीं, हाल ही में जब्त किए गए टैंकर ‘ओलिना’ का पुराना नाम ‘बेला वन’ था. इस जहाज पर कुल 28 क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें 17 यूक्रेनी, 6 जॉर्जियाई, 3 भारतीय और 2 रूसी नागरिक शामिल थे.
इस लगातार होने वाली जब्तियों ने कैरिबियन क्षेत्र में सुरक्षा और राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है और अमेरिका की सख्त कार्रवाई से रूस और वेनेज़ुएला दोनों ही असंतोष व्यक्त कर चुके हैं. इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून और नौसैनिक संचालन के नियमों पर भी चर्चा तेज हो गई है.
ये भी पढ़ें- WPL 2026 का धमाकेदार आगाज़, हनी सिंह ने किया कुछ ऐसा; देखती रह गईं स्मृति मंधाना, देखें VIDEO