कौन हैं सचिन यादव? जिन्होंने नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम से भी दूर फेंका भाला, कभी बनना चाहते थे क्रिकेटर

टोक्यो में चल रही वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 के तीसरे दिन भारत को मिश्रित भावनाएं मिलीं, जब ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा जैवलिन थ्रो में टॉप-6 से बाहर हो गए. लेकिन इसी इवेंट में यूपी के युवा एथलीट सचिन यादव ने सबको चौंका दिया.

Who is Sachin Yadav who defeated Neeraj Chopra and Arshad Nadeem at the 2025 World Athletics Championships
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टोक्यो में चल रही वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 के तीसरे दिन भारत को मिश्रित भावनाएं मिलीं, जब ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा जैवलिन थ्रो में टॉप-6 से बाहर हो गए. लेकिन इसी इवेंट में यूपी के युवा एथलीट सचिन यादव ने सबको चौंका दिया. उन्होंने नीरज और पाकिस्तान के अरशद नदीम को पीछे छोड़ते हुए मेडल से महज 40 सेमी दूर रह गए. यह प्रदर्शन सचिन को भारतीय जैवलिन थ्रो की नई उम्मीद बना रहा है. 

क्रिकेटर बनने का सपना

बागपत, उत्तर प्रदेश के रहने वाले सचिन यादव ने कभी क्रिकेट के मैदान पर धूम मचाने का ख्वाब देखा था. एमएस धोनी और जसप्रीत बुमराह को अपना आइडल मानते हुए उन्होंने 19 साल की उम्र तक स्थानीय टूर्नामेंट्स में गेंदबाजी की. लेकिन किस्मत ने करवट ली, जब उनके पड़ोसी और शुरुआती कोच संदीप यादव ने उनकी गेंदबाजी देखी. 6 फुट 5 इंच के लंबे कद और मजबूत कंधों को देखकर संदीप ने सुझाव दिया कि सचिन जैवलिन थ्रो में कमाल कर सकते हैं. यहीं से 2021 में उनका एथलेटिक्स सफर शुरू हुआ, जो आज वर्ल्ड स्टेज पर चमक रहा है.

राष्ट्रीय स्तर पर धमाल

सचिन का पहला बड़ा ब्रेक 73वीं इंडिया पुलिस एथलेटिक्स चैंपियनशिप में आया, जहां उन्होंने 30 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया. 2024 में बेंगलुरु की 63वीं राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 80.04 मीटर के थ्रो से गोल्ड जीतकर उन्होंने सबका ध्यान खींचा. इसके बाद कोच्चि के फेडरेशन कप में 83.86 मीटर और देहरादून के नेशनल गेम्स में 84.39 मीटर के साथ लगातार गोल्ड हासिल किए. यूपी पुलिस में कार्यरत सचिन ने महज चार सालों में राष्ट्रीय स्तर पर दबदबा कायम कर लिया, जो उनकी मेहनत का प्रमाण है.

90 मीटर का फाउल थ्रो

2025 के नेशनल गेम्स में देहरादून के दौरान प्रैक्टिस में सचिन ने सिर्फ 12 स्ट्राइड के साथ लगभग 90 मीटर का थ्रो मारा, लेकिन हल्की सी स्टेप आउट गलती से इसे फाउल घोषित कर दिया गया. यही नहीं, टूर्नामेंट के दौरान टखने की चोट लगने पर फिसलने के बावजूद उनके पहले प्रयास में 84.39 मीटर का थ्रो आया, जो गोल्ड जीताने के लिए काफी था. यह घटना न केवल उनकी क्षमता दिखाती है, बल्कि दृढ़ संकल्प को भी उजागर करती है—सचिन ने चोट के बावजूद हार नहीं मानी.

चोटों से जूझते हुए वापसी

सचिन का सफर आसान नहीं था. 2022 में बार-बार कोहनी की समस्या से परेशान होकर उन्हें सर्जरी करानी पड़ी, जिसके कारण वे महीनों मैदान से दूर रहे. 107 किलोग्राम के मजबूत शरीर ने उन्हें दूरी के लिए फायदा तो दिया, लेकिन मोच और चोटों का शिकार भी बनाया. सर्जरी के बाद यूपी स्टेट चैंपियनशिप में 72.06 मीटर के थ्रो से उन्होंने शानदार वापसी की. उनके कोच कहते हैं कि यह शरीर दोधारी तलवार है—शक्ति का स्रोत, लेकिन सावधानी की जरूरत.

कोचिंग का जादू

दिल्ली में नवल सिंह की कोचिंग ने सचिन को नई दिशा दी. 2022 में 72 मीटर से शुरू होकर 2025 में 85.16 मीटर तक उनकी तकनीक में जबरदस्त सुधार आया. इससे पहले इंटरनेशनल कोच माइकल एमजी ने दो साल तक उनके साथ काम किया और भविष्यवाणी की कि वे 90 मीटर का आंकड़ा छू लेंगे. नवल सिंह के मार्गदर्शन में चोटों से दूर रहते हुए सचिन ने अपना खेल निखारा, जो उनकी सफलता का राज है.

एशियन चैंपियनशिप में डेब्यू

2025 में साउथ कोरिया के गुमी में एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सचिन ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए डेब्यू किया. किसी को उम्मीद नहीं थी, लेकिन उन्होंने पाकिस्तान के अरशद नदीम जैसे दिग्गज को हराकर 85.16 मीटर के पर्सनल बेस्ट थ्रो से सिल्वर मेडल जीता. यह उपलब्धि उन्हें नीरज चोपड़ा के बाद भारत के अगले जैवलिन स्टार के रूप में स्थापित करती है.

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