वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 18 सितंबर 2025 को कुछ ऐसा देखने को मिला, जिसने खेल प्रेमियों के दिलों की धड़कनें बढ़ा दीं. भाला फेंक के इस प्रतिष्ठित मुकाबले में सबकी निगाहें दो नामों पर टिकी थीं- भारत के नीरज चोपड़ा और पाकिस्तान के अरशद नदीम. लेकिन खेल की सबसे खूबसूरत बात यही है कि यहां भविष्य की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती. इस बार जब सबकी उम्मीदें नीरज और अरशद पर टिकी थीं, तभी उभरते हुए भारतीय एथलीट सचिन यादव ने अपनी शानदार परफॉर्मेंस से सबका ध्यान खींच लिया.
भाला फेंक के इतिहास में नया अध्याय लिखते सचिन यादव
जब मैदान पर नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम जैसे नाम उतरते हैं, तो लोग स्वाभाविक रूप से इन्हीं की तरफ उम्मीदों की डोर बांधते हैं. लेकिन इस बार, भारत के युवा भाला फेंक खिलाड़ी सचिन यादव ने जिस तरह का प्रदर्शन किया, वह निश्चित रूप से भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक नई सुबह की तरह है.
सचिन ने पहले ही थ्रो में 86.27 मीटर की दूरी नापकर सभी को चौंका दिया. उनके इस थ्रो ने उन्हें मुकाबले की शुरुआत से ही टॉप कंटेंडर बना दिया. हालांकि उनका दूसरा और तीसरा थ्रो फाउल रहा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. चौथे प्रयास में 85.71 मीटर और पांचवें में 84.90 मीटर की दूरी तय की. आखिरी थ्रो में भले ही वे 80.95 मीटर पर रुक गए, लेकिन पूरे इवेंट में उनका आत्मविश्वास और जज्बा देखने लायक था.
दुख की बात बस इतनी रही कि ये बेहतरीन प्रदर्शन भी उन्हें मेडल नहीं दिला पाया और वे चौथे स्थान पर रहे. पर एक बात साफ हो गई कि आने वाला कल सचिन यादव का हो सकता है.
नीरज चोपड़ा: उम्मीदों का बोझ और नतीजे का दबाव
नीरज चोपड़ा, जो कि पिछले साल यानी 2023 की वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के गोल्ड मेडलिस्ट थे, इस बार पूरी तरह अपनी लय में नहीं दिखे. हालांकि उन्होंने अरशद नदीम से बेहतर प्रदर्शन जरूर किया, लेकिन खुद की प्रतिष्ठा के मुताबिक वह अपेक्षित दूरी तक भाला नहीं फेंक सके.
नीरज ने पहला थ्रो 83.5 मीटर का किया, लेकिन उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 84.03 मीटर रहा जो उन्होंने दूसरे प्रयास में फेंका. तीसरा और पांचवां थ्रो उनका फाउल रहा. चौथे अटेम्प्ट में वे 82.86 मीटर तक ही पहुंच पाए. उनका प्रदर्शन इतना नहीं था कि वे टॉप-8 में जगह बना पाते और वे वहीं से प्रतियोगिता से बाहर हो गए.
फैंस के लिए ये जरूर निराशाजनक रहा, लेकिन नीरज जैसे चैंपियन को किसी एक प्रदर्शन से नहीं आंका जा सकता. ये खेल है, यहां हर दिन एक नया चैप्टर होता है.
अरशद नदीम भी नहीं दिखा सके कमाल
पाकिस्तान के स्टार जेवलिन थ्रोअर अरशद नदीम से भी इस बार काफी उम्मीदें थीं. लेकिन न तो वे अपनी फॉर्म में नजर आए, न ही परिणाम में कोई करिश्मा दिखा पाए. उन्होंने कुल चार थ्रो किए, जिनमें उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 82.75 मीटर का रहा. यह उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में फेंका.
अरशद का दूसरा और चौथा थ्रो फाउल रहा, और वे टॉप 8 में भी जगह नहीं बना पाए. मुकाबले में उनके प्रदर्शन को देखते हुए यह साफ कहा जा सकता है कि वे अपनी लय से पूरी तरह बाहर थे.
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