ईरान और अमेरिका के रिश्तों में नई तकरार, लेविंसन किडनैपिंग मामले में ईरानी अधिकारियों पर लगाए आरोप

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर से बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है. पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रेज़ा अमीरी मोघदम का नाम अब अमेरिका की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल हो गया है, और इसके साथ ही दोनों देशों के रिश्तों में नई तल्खी देखने को मिल सकती है.

Who is reza amiri israel announced most wanted
Image Source: Social Media

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर से बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है. पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रेज़ा अमीरी मोघदम का नाम अब अमेरिका की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल हो गया है, और इसके साथ ही दोनों देशों के रिश्तों में नई तल्खी देखने को मिल सकती है. रेज़ा अमीरी पर आरोप है कि उन्होंने अमेरिकी FBI एजेंट रॉबर्ट 'बॉब' लेविंसन के 2007 में ईरान में अपहरण की साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. लेविंसन, जो उस समय रिटायर्ड थे, 2007 में ईरान में लापता हो गए थे, और उनके लापता होने के बाद से अब तक उनके बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिली है.

क्या था लेविंसन का अपहरण?

8 मार्च 2007 को रॉबर्ट लेविंसन ईरान के किश द्वीप पर पहुंचे थे, जहां वह अचानक लापता हो गए. FBI का मानना है कि रेज़ा अमीरी मोघदम ने लेविंसन के अपहरण की योजना बनाई थी और बाद में इस पूरे मामले को छिपाने की कोशिश की. रेज़ा अमीरी को अहमद अमीरिनिया के नाम से भी जाना जाता है और वह पहले ईरान के खुफिया विभाग (MOIS) में सीनियर अधिकारी रह चुके हैं. अमेरिकी जांच एजेंसी ने यह भी कहा कि वे अब तक यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिरकार लेविंसन का अपहरण किसने किया था और वह कहां हैं.

FBI द्वारा जारी किए गए पोस्टर

FBI ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्टर जारी किया है, जिसमें रेज़ा अमीरी के अलावा ईरान के दो अन्य सीनियर खुफिया अधिकारियों का नाम भी शामिल किया गया है. इन दोनों अफसरों में तागी दानेश्वर और गुलामहुसैन मोहम्मदनिया शामिल हैं. तागी दानेश्वर वर्तमान में ईरान के खुफिया मंत्रालय में काउंटर-इंटेलिजेंस अधिकारी हैं और उन पर यह आरोप है कि वह लेविंसन के लापता होने के समय एक ऑपरेटिव की निगरानी कर रहे थे. वहीं, गुलामहुसैन मोहम्मदनिया खुफिया मंत्रालय के डिप्टी चीफ रह चुके हैं, और उन्हें 2018 में अल्बानिया से निष्कासित कर दिया गया था. उनका आरोप था कि वह अल्बानिया में आतंकवादी हमलों की साजिश रच रहे थे.

मामले को छुपाने की कोशिशें

FBI का आरोप है कि ये तीनों अधिकारी लेविंसन के अपहरण के दौरान शामिल थे और उन्होंने इस पूरे मामले की सच्चाई को छुपाने की कोशिश की. विशेष रूप से, मोहम्मदनिया पर यह आरोप है कि उन्होंने इस पूरे मामले को पाकिस्तान के बलूचिस्तान इलाके में सक्रिय एक आतंकी संगठन पर डालने की कोशिश की थी. FBI अधिकारी स्टीवन जेन्सन ने कहा कि इन तीनों अफसरों ने मिलकर एक साजिश रची, जिसमें लेविंसन को अगवा किया गया और बाद में इस पूरे घटनाक्रम को छुपाने की कोशिश की गई.

कैद में रहते हुए लेविंसन की मौत की आशंका

FBI का मानना है कि रॉबर्ट लेविंसन को लंबे समय तक बंदी बनाए रखा गया और संभवतः उनकी मौत भी उसी कैद में हुई. 2010-11 में लेविंसन का एक वीडियो और कुछ तस्वीरें सामने आई थीं, जिसमें वह जिंदा दिखाई दे रहे थे, लेकिन उसके बाद से उनका कोई भी सुराग नहीं मिला. अमेरिकी वित्त विभाग ने मार्च 2025 में रेज़ा अमीरी और अन्य आरोपियों पर इस मामले से जुड़े आरोपों के चलते प्रतिबंध लगा दिए थे.

नई स्थिति और संभावित परिणाम

यह घटनाक्रम अमेरिकी-ईरान रिश्तों में और तनाव का कारण बन सकता है, खासकर जब दोनों देशों के बीच पहले से ही परमाणु समझौते को लेकर खींचतान चल रही है. अमेरिका के इस कदम से ईरान की स्थिति और जटिल हो सकती है, क्योंकि यह सीधे तौर पर ईरान के अधिकारियों पर दबाव बनाता है और उनकी अंतरराष्ट्रीय छवि को और नुकसान पहुंचा सकता है.ॉ

यह भी पढ़ें: तुर्की को पाकिस्तान से याराना पड़ा भारी! अचानक घुस आए 3 लाख 90 हजार आतंकवादी; बढ़ गई एर्दोगन की टेंशन