कौन हैं पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई, जिन्हें बनाया गया 8वें वेतन आयोग की चेयरमैन, पढ़ें पूरी प्रोफाइल

आठवें वेतन आयोग की चेयरपर्सन के रूप में सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को नियुक्त किया गया है. उनके साथ आईआईएम बेंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस सचिव पंकज जैन को सदस्य-सचिव के रूप में शामिल किया गया है.

Who is Ranjana Prakash Desai who has been appointed as the chairperson of 8th Pay Commission
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Who is Justice Ranjana Desai: करीब एक करोड़ केंद्रीय वेतनभोगी कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए राहत भरी खबर है. केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में आठवें वेतन आयोग के गठन को औपचारिक मंजूरी दे दी. यह घोषणा लगभग 10 महीने बाद की गई है, जो कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में संभावित बढ़ोतरी की राह साफ करती है.

आयोग को दी गई 18 महीने की समय सीमा

सरकार ने आयोग को अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करने के लिए 18 महीने का समय दिया है. इन सिफारिशों के आधार पर सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में बदलाव साल 2027 से लागू हो सकता है.

रंजना प्रकाश देसाई को मिली अध्यक्षता

आठवें वेतन आयोग की चेयरपर्सन के रूप में सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को नियुक्त किया गया है. उनके साथ आईआईएम बेंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस सचिव पंकज जैन को सदस्य-सचिव के रूप में शामिल किया गया है.

जस्टिस रंजना देसाई पहले भी परिसीमन आयोग और समान नागरिक संहिता मसौदे की कमिटी की अध्यक्ष रह चुकी हैं. साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने विभिन्न संवैधानिक और प्रशासनिक भूमिकाओं में महत्वपूर्ण सेवाएं दी हैं. 30 अक्टूबर 1949 को जन्मीं रंजना देसाई ने एल्फिंस्टन कॉलेज से 1970 में आर्ट्स में ग्रेजुएशन और गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, मुंबई से 1973 में एलएलबी की डिग्री प्राप्त की थी.

आठवें वेतन आयोग की प्रभावी तिथि

महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए हर 10 साल में नए वेतन आयोग का गठन होता है. इस परंपरा के अनुसार, आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा. हालांकि, आयोग द्वारा सिफारिशें तैयार करने में लगने वाले समय को देखते हुए वास्तविक वेतन और पेंशन वृद्धि साल 2027 से लागू होने की संभावना है.

कर्मचारियों के लिए उम्मीद की किरण

आठवें वेतन आयोग के गठन से कर्मचारियों और पेंशनधारकों में उम्मीदें बढ़ गई हैं. यह आयोग न सिर्फ वेतन बढ़ोतरी पर ध्यान देगा, बल्कि भत्तों और अन्य सुविधाओं में भी आवश्यक संशोधन की सिफारिश करेगा. कर्मचारियों के लिए यह लंबे समय से प्रतीक्षित राहत का मौका साबित हो सकता है.

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