नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (MCD) के मेयर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार प्रवेश वाही ने शानदार जीत हासिल की है. उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार मोहम्मद जरीफ को 156 वोटों से हराया, जबकि जरीफ को सिर्फ 9 वोट मिले. इस चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाग न लेकर सीधे तौर पर भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला होने दिया. प्रवेश वाही की जीत ने भाजपा को एकतरफा तरीके से जीत दिलाई और दिल्ली को एक नया मेयर मिला.
प्रवेश वाही का राजनीतिक सफर
प्रवेश वाही का राजनीतिक जीवन विश्व हिंदू परिषद से शुरू हुआ था, जहां उन्होंने खंड प्रमुख के रूप में काम किया. इसके बाद वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़ गए और भाजपा के मंडल अध्यक्ष और युवा मोर्चा में अपनी जिम्मेदारी निभाई. वाही ने अपना पहला चुनाव 2007 में लड़ा था और जीत हासिल की थी. उसके बाद 2012 और फिर 2022 में उन्होंने रोहिणी वार्ड से निगम पार्षद के रूप में चुनाव जीते. इस दौरान उन्होंने निगम की सर्वोच्च स्थायी समिति के चेयरमैन और निर्माण समिति के चेयरमैन के तौर पर भी काम किया. इस चुनाव में भाजपा के हाईकमान ने प्रवेश वाही को मेयर पद के लिए पहली पसंद माना, और उनकी मेयर बनने की उम्मीद पहले से ही मजबूत थी.
AAP ने बनाई चुनाव से दूरी
दिल्ली मेयर चुनाव में आम आदमी पार्टी का योगदान नगण्य था. आप के पास 105 वोट थे, जिसमें 100 पार्षद, 2 राज्यसभा सदस्य और 3 विधायक शामिल थे, लेकिन पार्टी ने इस चुनाव से दूरी बनाने का फैसला लिया. इसके चलते आप के पार्षद सदन में अनुपस्थित रहे, जिससे भाजपा के लिए मेयर पद जीतना और भी आसान हो गया. भाजपा के पास पहले से ही पर्याप्त वोट थे, क्योंकि कांग्रेस के पास सिर्फ 9 पार्षद थे, और उनका समर्थन भी भाजपा के लिए बाधा नहीं बन सका.
प्रवेश वाही की जीत और पार्टी का आत्मविश्वास
प्रवेश वाही की जीत को लेकर भाजपा में खुशी का माहौल था. निगम सदन में जय श्री राम और भारत माता की जय के नारे लगे. इस मौके पर प्रवेश वाही ने कहा कि उनका उद्देश्य दिल्ली के लोगों को बेहतर सुविधाएं देना है. उनका कहना था कि वह पिछली सरकारों से विरासत में मिले कूड़े के ढेर को साफ करने और दिल्ली को स्वच्छ बनाने के लिए काम करेंगे.
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