Prop Trading Scam: शेयर बाजार में प्रॉप ट्रेडिंग के नाम पर एक बड़े घोटाले ने तहलका मचा दिया है, जिसे अब तक पूरे देश में फैलते हुए देखा गया है. यह घोटाला सूरत से शुरू हुआ था, लेकिन अब दिल्ली, जयपुर, रांची, कोल्हापुर जैसे कई बड़े शहरों में इसकी जड़ें फैल चुकी हैं. शुरुआत में इसे केवल 5 करोड़ रुपये के नुकसान तक सीमित माना जा रहा था, लेकिन अब ये आंकड़ा बढ़कर ₹150 करोड़ तक पहुंचने का अंदेशा है.
इन कंपनियों पर गंभीर आरोप
Green Wall Enterprises और उससे जुड़ी हुई कंपनी iTrade Associates पर आरोप है कि इन्होंने निवेशकों को 'प्रॉप ट्रेडिंग लिमिट' देने का वादा किया, उनसे पैसा लिया और फिर अचानक अपने ऑपरेशन को बंद कर दिया. इसके चलते कई निवेशकों की जीवन भर की बचत भी डूब गई है.
प्रॉप ट्रेडिंग का मतलब क्या है?
प्रॉप ट्रेडिंग (Proprietary Trading) वह प्रक्रिया है, जिसमें किसी फर्म के खुद के पैसे या निवेशकों के पैसे से शेयर बाजार में ट्रेडिंग की जाती है और इसके बदले मुनाफा बांटने का वादा किया जाता है. इसमें फर्म निवेशकों से सिक्योरिटी डिपॉजिट लेती है और कहती है कि इसके बदले उन्हें बड़ी ट्रेडिंग लिमिट दी जाएगी. हालांकि, SEBI के नियम साफ हैं कि सिर्फ SEBI-रजिस्टर्ड ब्रोकर या अन्य अधिकृत व्यक्ति ही इस तरह की ट्रेडिंग कर सकते हैं. किसी भी गैर-रजिस्टर्ड सेटअप में निवेश करना न केवल गैर-कानूनी है बल्कि बेहद जोखिमपूर्ण भी है.
घोटाले की शुरुआत और कैसे हुआ धोखा?
यह घोटाला सूरत में Green Wall Enterprises (Greenvol) द्वारा शुरू हुआ, जिसने खुद को एक बड़ी ब्रोकरेज फर्म का पार्टनर बताकर निवेशकों को आकर्षित किया. Jainam स्टॉक ब्रोकिंग के नाम से होर्डिंग्स और विज्ञापन लगाए गए और दावा किया गया कि Green Wall आपको प्रॉफिटेबल ट्रेडिंग लिमिट दिलवाएगी. इसके बाद निवेशकों को बड़े रिटर्न और मुनाफे का लालच दिया गया, और उन्होंने पैसा निवेश कर दिया.
iTrade Associates की भूमिका
निवेशकों से पैसा iTrade Associates के जरिए लिया जाता था, और Green Wall दावा करती थी कि यह पैसा ब्रोकरेज चैनल में जमा किया जा रहा है. निवेशकों को यह सब कुछ वैध और SEBI-अप्रूव्ड लगता था, लेकिन जैसे ही एक निवेशक (DJ) ने पुलिस में शिकायत की, यह मामला उजागर हो गया.
अचानक सब कुछ बंद
14 अगस्त को अचानक ट्रेडिंग टर्मिनल बंद कर दिए गए. निवेशकों को अपनी पोजीशन 'square off' करने का मौका नहीं मिला और फर्म के प्रमुख, निमित शाह और हिरेन जादव फरार हो गए. इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज की गई और FIR की कार्रवाई शुरू की गई. हिरेन जादव को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि निमित शाह अभी भी फरार है. अब इस मामले की जांच Surt Police की Economic Offences Wing (EOW) द्वारा की जा रही है.
बड़ी कंपनियां भी अब संकट में
मार्केट सूत्रों के मुताबिक, Greater Noida स्थित फर्म iTrade Associates भी अब बुरी तरह प्रभावित हो गई है. इस फर्म के मालिक, दर्शन जोशी (DJ) ने Green Wall Enterprises के साथ मिलकर निवेशकों से पैसा लिया था. अब तक करीब ₹40 करोड़ के निवेशकों के फंड फंसे होने का अनुमान है. एक पीड़ित निवेशक ने पुलिस को ₹22.06 करोड़ की हानि की रिपोर्ट दी है.
Jainam ब्रोकिंग का बयान
Jainam ब्रोकिंग ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा है कि ग्रीन वॉल का उनसे कोई संबंध नहीं था और उन्होंने कोई लेन-देन नहीं किया. अब निवेशकों को एहसास हो रहा है कि उन्होंने केवल नाम और ब्रांड के आधार पर विश्वास किया था.
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