क्या है ऑपरेशन Eastern Sentry? जिसके तहत पोलैंड को बचाने उतरा NATO; रूस को मिलेगा हमले का जवाब!

पोलैंड में रूसी ड्रोन के घुसपैठ ने यूरोप को हिला कर रख दिया है. जवाब में अब नाटो ने अपनी पूर्वी सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. नाटो महासचिव मार्क रूटे ने शुक्रवार को घोषणा की कि गठबंधन ने ‘ऑपरेशन ईस्टर्न सेंट्री’ की शुरुआत करने का निर्णय लिया है.

What is operation eastern sentry nato will help in defence of poland
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पोलैंड में रूसी ड्रोन के घुसपैठ ने यूरोप को हिला कर रख दिया है. जवाब में अब नाटो ने अपनी पूर्वी सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. नाटो महासचिव मार्क रूटे ने शुक्रवार को घोषणा की कि गठबंधन ने ‘ऑपरेशन ईस्टर्न सेंट्री’ की शुरुआत करने का निर्णय लिया है, जो आने वाले दिनों में पूरे यूरोप के पूर्वी मोर्चे पर सक्रिय रूप से लागू किया जाएगा.

इस ऑपरेशन का उद्देश्य आर्कटिक से लेकर काला सागर और भूमध्य सागर तक के क्षेत्र को सुरक्षित करना है, जिससे रूस की ओर से हो रही घुसपैठों पर प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सके.

यूरोप की हवाई सीमा पर खतरा बढ़ा

नाटो महासचिव ने साफ कहा कि रूस की हालिया ड्रोन घुसपैठ "कोई आकस्मिक घटना नहीं" थी, बल्कि यह एक "सुनियोजित उकसावे" जैसा प्रतीत होता है. बुधवार को रूसी ड्रोन के पोलिश एयरस्पेस में घुसने की घटना के बाद गठबंधन ने स्थिति को गंभीरता से लिया और तुरंत प्रतिक्रिया की योजना बनाई. ऑपरेशन की शुरुआत में लड़ाकू विमान और हवाई रक्षा प्रणाली से लैस एक फ्रिगेट की तैनाती की जाएगी. इस अभियान में डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, यूके, इटली और नीदरलैंड्स जैसे देशों की सेनाएं सक्रिय भूमिका निभाएंगी.

कौन-कौन से देश भेज रहे हैं सैन्य संसाधन?

  • डेनमार्क: 2 F-16 फाइटर जेट और एक एंटी-एयर वारफेयर फ्रिगेट
  • फ्रांस: 3 राफेल फाइटर जेट
  • जर्मनी: 4 यूरोफाइटर जेट
  • यूके: 6 टाइफून फाइटर जेट भेजने का इरादा. इटली और नीदरलैंड: पहले ही F-35A स्टील्थ फाइटर तैनात कर चुके हैं (एस्टोनिया और पोलैंड में) नाटो का कहना है कि यह तैनाती केवल पोलैंड के लिए नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी यूरोप की सुरक्षा के लिए की जा रही है.

रूसी कार्रवाई पर बढ़ता तनाव

पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने इस घटना को "हमला" करार देते हुए कहा कि यह कोई दुर्घटना नहीं थी. पोलिश अधिकारियों के अनुसार, रूस ने कुल 21 ड्रोन हमले किए, जिनमें से कुछ ड्रोन बेलारूस के जरिए पोलैंड में दाखिल हुए. इन हमलों के बाद वारसॉ ने यूक्रेन और बेलारूस सीमा से सटे क्षेत्रों में एयरस्पेस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. इसके साथ ही पोलैंड ने नाटो को आर्टिकल 4 के तहत परामर्श के लिए बुलाया, जिसके बाद नाटो ने तत्काल रणनीतिक निर्णय लेते हुए 'ईस्टर्न सेंट्री' अभियान की नींव रखी.

नाटो का स्पष्ट संदेश, हर चुनौती का मिलेगा जवाब

नाटो के सुप्रीम कमांडर जनरल एलेक्सस ग्रिनक्विच ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह ऑपरेशन पूरी तरह से लचीला और बहुआयामी होगा. इसमें जमीनी और हवाई रक्षा, ड्रोन रोधी प्रणाली और सूचना साझाकरण जैसे घटक शामिल होंगे. वहीं, फ्रांस ने कड़ा रुख अपनाते हुए पेरिस स्थित रूसी राजदूत को तलब कर विरोध जताया है. दूसरी तरफ रूस के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि वासिली नेबेंज्या ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रूसी ड्रोन की रेंज पोलैंड तक पहुंचने की क्षमता नहीं रखती. नाटो प्रमुख मार्क रूटे ने इन दावों को नकारते हुए दो टूक कहा है कि चाहे यह घुसपैठ जानबूझकर की गई हो या गलती से रूस ने नाटो की हवाई सीमा का उल्लंघन किया है और यह अस्वीकार्य है.

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