WI vs BAN ODI: क्रिकेट के मैदान पर अक्सर तेज़ गेंदबाज़ों की तूफ़ानी गेंदबाज़ी सुर्खियां बटोरती है, लेकिन इस बार वेस्टइंडीज ने स्पिन के दम पर इतिहास रच डाला. एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (ODI) में पहली बार ऐसा हुआ है जब किसी टीम ने पूरी 50 ओवर की गेंदबाज़ी केवल स्पिन गेंदबाज़ों से करवाई हो. यह कमाल कैरेबियाई टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में किया है.
50 ओवर, 5 स्पिनर
मैच के दौरान वेस्टइंडीज की ओर से अकील हुसैन, रॉस्टन चेज, खैरी पिएर, गुडाकेश मोती और एलिक अथानाजे, इन पांच स्पिनरों ने पूरे 50 ओवर डाले. हर गेंदबाज़ ने 10-10 ओवर किए और तेज़ गेंदबाज़ों को एक भी ओवर नहीं दिया गया. ये एक ऐसा फैसला था जो पहले कभी नहीं देखा गया था. जस्टिन ग्रीव्स को टीम में तेज़ गेंदबाज़ विकल्प के रूप में शामिल किया गया था, लेकिन कप्तान शाई होप ने उनसे गेंदबाज़ी ही नहीं करवाई. यह रणनीति पूरी तरह से स्पिन पर आधारित थी और यह कारगर भी रही.
बांग्लादेश की पारी 213 रन पर सिमटी
बांग्लादेश की टीम स्पिन के जाल में इस कदर फंसी कि 213 रनों पर ही ढेर हो गई. एलिक अथानाजे, जो आमतौर पर नियमित गेंदबाज़ नहीं माने जाते, उन्होंने 10 ओवर में सिर्फ 14 रन देकर 2 विकेट झटक लिए. वहीं गुडाकेश मोती ने सबसे ज्यादा विकेट लिए. उन्होंने 10 ओवर में 65 रन देकर 3 विकेट झटके. बाकी गेंदबाज़ों ने भी रन गति पर लगाम लगाई और विकेट झटके. इस मैच से साफ हो गया कि पिच स्पिनरों के लिए काफी मददगार थी, और वेस्टइंडीज ने उसका फायदा पूरी तरह उठाया.
रणनीति ने बदली तस्वीर
यही मुकाबला उसी पिच पर खेला गया, जहां पहले वनडे में वेस्टइंडीज को बांग्लादेश के स्पिनर रिशाद हुसैन के 6 विकेट के कारण हार का सामना करना पड़ा था. लेकिन इस बार वेस्टइंडीज ने खुद स्पिन का सहारा लिया और पूरी रणनीति को पलट दिया. स्पिन-डॉमिनेंट टीम ने दिखा दिया कि हालात के अनुसार ढलना ही असली चतुराई है.
रिकॉर्ड बुक में नया अध्याय
इससे पहले किसी वनडे पारी में स्पिनरों द्वारा सबसे ज्यादा ओवर डालने का रिकॉर्ड श्रीलंका के नाम था. 1996 में वेस्टइंडीज के खिलाफ श्रीलंका के स्पिन गेंदबाज़ों ने 44 ओवर फेंके थे. इस लिस्ट के टॉप-10 में से 8 रिकॉर्ड श्रीलंका के ही नाम हैं. भारत ने भी 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ एक मैच में 41.2 ओवर स्पिनरों से कराए थे. लेकिन अब वेस्टइंडीज ने सभी को पीछे छोड़ते हुए पूरे 50 ओवर स्पिन से गेंदबाज़ी कर, वनडे इतिहास का एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है.
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