UCC in West Bengal:पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. राज्य सरकार आगामी 29 जून को विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) से जुड़ा विधेयक पेश कर सकती है. यदि ऐसा होता है तो यह भाजपा सरकार के चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम माना जाएगा.
तय समय से पहले लाया जा सकता है विधेयक
सरकारी जानकारी के अनुसार, भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणा पत्र में सरकार बनने के छह महीने के भीतर यूसीसी लागू करने का वादा किया था. हालांकि अब सरकार इस समयसीमा से पहले ही विधेयक लाने की तैयारी में है. इससे साफ संकेत मिलता है कि सरकार इस मुद्दे को प्राथमिकता दे रही है.
कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में बनी सहमति
रिपोर्ट्स का कहना है कि 25 जून की शाम विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (कार्य मंत्रणा समिति) की बैठक में यूसीसी विधेयक पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक के दौरान विधेयक के प्रारूप और उसे सदन में पेश करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया. सरकार का मानना है कि यह प्रस्ताव राज्य की कानूनी व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव लाने की दिशा में एक अहम पहल साबित हो सकता है.
चुनावी वादे को पूरा करने की तैयारी
भाजपा ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणा पत्र में स्पष्ट रूप से कहा था कि सत्ता में आने के बाद राज्य में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी. अब सरकार उसी वादे को अमल में लाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है.
राज्य सरकार के एक मंत्री ने कहा कि देश के कई राज्यों में समान नागरिक संहिता को लेकर कदम उठाए जा चुके हैं और पश्चिम बंगाल भी अब उसी दिशा में आगे बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि भाजपा ने जनता से जो वादा किया था, उसे पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है. मंत्री के मुताबिक, उत्तराखंड, गुजरात, असम, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में इस विषय पर पहले ही पहल की जा चुकी है और पश्चिम बंगाल भी अब इस सूची में शामिल होने की तैयारी कर रहा है.
राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज होने के आसार
यदि विधानसभा में यूसीसी विधेयक पेश किया जाता है तो इस पर सदन के भीतर और बाहर व्यापक चर्चा होने की संभावना है. समान नागरिक संहिता लंबे समय से देश की राजनीति और सामाजिक विमर्श का प्रमुख विषय रही है. ऐसे में पश्चिम बंगाल सरकार का यह कदम आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन सकता है.
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