पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़े एक अहम मामले में मुर्शिदाबाद की जंगीपुर स्थित POCSO कोर्ट ने दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है.
कोर्ट ने करीम शेख और सैयद तरजन हुसैन को सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा दी है. इसके अलावा अन्य धाराओं में भी अलग-अलग अवधि की सजा सुनाई गई है, जो साथ-साथ चलेगी.
हिंसा के दौरान नाबालिग लड़की से गैंगरेप
यह मामला 2021 के विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद पश्चिम बंगाल में भड़की पोस्ट-पोल हिंसा के दौरान नाबालिग लड़की से गैंगरेप का है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने 19 अगस्त 2021 को आदेश दिया था कि चुनाव बाद हुई हिंसा में हत्या और महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराध, खासकर दुष्कर्म और दुष्कर्म के प्रयास से जुड़े मामलों की जांच CBI करेगी.
हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने 27 मई 2022 को यह मामला अपने हाथ में लिया. यह केस पहले मुर्शिदाबाद के फरक्का थाने में 11 जून 2021 को पीड़िता के पिता की शिकायत पर दर्ज हुआ था. जांच पूरी होने के बाद CBI ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया.
कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया
सुनवाई के बाद कोर्ट ने 28 जुलाई 2026 को दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया और 29 जुलाई को सजा सुनाई. अदालत ने यह भी आदेश दिया कि आरोपी की एम्बुलेंस की बिक्री से मिलने वाली रकम पीड़िता को दी जाए. इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), मुर्शिदाबाद को पीड़िता को ₹5 लाख का मुआवजा देने का निर्देश भी दिया गया है.
इस फैसले को 2021 की चुनाव बाद हुई हिंसा से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है.
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