Bambiha Gang: मलेशिया से बंबीहा गैंग से जुड़े तीन फरार आरोपियों को भारत लाकर पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक इनमें फरीदकोट का जसप्रीत सिंह उर्फ जस बेहबल और राजस्थान के श्रीगंगानगर के अजय सिंह और पवंदीप सिंह शामिल हैं. तीनों को मलेशिया से भारत भेजे जाने के बाद दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर पकड़ा गया और पूछताछ के लिए पंजाब ले जाया गया.
पुलिस का आरोप है कि तीनों जबरन वसूली, टारगेट किलिंग और दूसरे अपराधों से जुड़े रहे हैं. जसप्रीत सिंह जुलाई 2025 में फरीदकोट में यदविंदर सिंह की हत्या के मामले में वांछित है. वहीं अजय और पवंदीप पर अक्टूबर 2025 में लुधियाना में हुए विस्फोटक मामले में शामिल होने का आरोप है. इस केस में पुलिस ने चीन में बना पी86 हैंड ग्रेनेड बरामद करने की बात कही थी.
लेकिन इन तीनों की गिरफ्तारी इसलिए भी अहम है, क्योंकि बंबीहा गैंग को अब केवल पंजाब का स्थानीय गिरोह नहीं माना जाता.
करीब 100 सदस्यों का नेटवर्क
जांच एजेंसियों के मुताबिक बंबीहा गैंग का नेटवर्क पंजाब के अलावा हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान तक फैला हुआ है. एक जांच में इसके करीब 100 सदस्यों और सहयोगियों के नेटवर्क को मैप किया गया था.
इस नेटवर्क में अलग-अलग लोगों की अलग भूमिका बताई जाती है. कुछ लोग स्थानीय स्तर पर काम संभालते हैं, जबकि विदेश में बैठे आरोपी कथित तौर पर गैंग के लिए संपर्क और दूसरी गतिविधियां संभालते हैं. एजेंसियों के मुताबिक गैंग का दूसरे आपराधिक समूहों के साथ भी गठजोड़ रहा है और जबरन वसूली इसके लिए पैसे जुटाने का एक बड़ा जरिया रही है.
5 सवालों में समझिए बंबीहा गैंग
चार राज्यों तक फैला नेटवर्क
बंबीहा गैंग के सक्रिय सदस्यों की मौजूदा संख्या का कोई सार्वजनिक आधिकारिक आंकड़ा नहीं है. हालांकि जांच एजेंसियां पहले इसके करीब 100 सदस्यों और सहयोगियों वाले नेटवर्क का पता लगा चुकी हैं.
यह नेटवर्क पंजाब के अलावा हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान तक फैला बताया गया है. कुछ आरोपी विदेश में रहकर कथित तौर पर गैंग की गतिविधियों को संभालते हैं. इसी वजह से मलेशिया से तीन आरोपियों को भारत वापस लाना पुलिस के लिए अहम कार्रवाई मानी जा रही है.
पंजाब पुलिस का कहना है कि 2026 में मलेशिया से लौटाए गए तीनों आरोपी विदेश में रहते हुए गैंग के लिए काम कर रहे थे.
वसूली और टारगेट किलिंग के आरोप
बंबीहा नेटवर्क से जुड़े लोगों पर पुलिस और जांच एजेंसियां कई गंभीर अपराधों के आरोप लगाती रही हैं. इनमें जबरन वसूली, हत्या, टारगेट किलिंग, हथियारों की सप्लाई और नशीले पदार्थों से जुड़े मामले शामिल हैं.
नवंबर 2024 में एनआईए ने बंबीहा सिंडिकेट से जुड़े कई ठिकानों पर कार्रवाई की थी. एजेंसी ने उस दौरान हथियार, गोला-बारूद, नशीले पदार्थ और विस्फोटक की तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जांच की बात कही थी. एजेंसी के अनुसार ऐसे नेटवर्क भारत में आपराधिक और आतंकी गतिविधियों के लिए पैसा जुटाने की कोशिश कर रहे थे.
कई मामलों में हथियार बरामद
बंबीहा से जुड़े आरोपियों के पास से अलग-अलग मामलों में कई तरह के हथियार बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है.
अक्टूबर 2023 में पुलिस ने दो कथित बंबीहा सहयोगियों से चार पिस्टल, छह मैगजीन और 16 कारतूस बरामद करने का दावा किया था. पुलिस के मुताबिक दोनों गैंग के सदस्यों को हथियार और दूसरी मदद उपलब्ध कराते थे.
अगस्त 2025 में बरनाला पुलिस ने बंबीहा से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था. उनके पास से चार हथियार बरामद किए गए थे, जिनमें तुर्की की जिगाना पिस्टल भी शामिल थी.
इससे पहले 2018 में पंजाब पुलिस ने बंबीहा गैंग से जुड़े 11 लोगों को गिरफ्तार कर 17 हथियार बरामद करने की बात कही थी. इनमें पिस्टल, रिवॉल्वर, डबल बैरल गन और कार्बाइन शामिल थीं.
विदेश में बैठे लोगों की भी भूमिका
जांच एजेंसियों के मुताबिक ऐसे आपराधिक नेटवर्क एक ही जगह से नहीं चलते. अलग-अलग लोगों को अलग काम सौंपे जा सकते हैं. कोई ठिकाने और स्थानीय संपर्क उपलब्ध कराता है, तो कोई हथियार और दूसरी मदद का इंतजाम करता है.
बंबीहा नेटवर्क की जांच में विदेश में बैठे ऑपरेटरों का पहलू भी सामने आया है. कनाडा और अमेरिका में मौजूद कुछ सहयोगियों के जरिए गतिविधियों को संचालित करने की बात जांच एजेंसियां कह चुकी हैं.
आरोपियों पर कितने केस हैं?
पूरे बंबीहा गैंग के सभी सदस्यों पर दर्ज मामलों की कोई एक तय संख्या सार्वजनिक नहीं है. अलग-अलग आरोपियों पर अलग-अलग केस दर्ज हैं.
मई 2026 में पंचकूला पुलिस ने बंबीहा गैंग के कथित सदस्य मोहम्मद अकरम को गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, मारपीट और आर्म्स एक्ट समेत आठ मामले दर्ज थे.
वहीं 2018 में पंजाब पुलिस ने 11 कथित सदस्यों को गिरफ्तार करने के बाद बताया था कि ये लोग 65 मामलों में वांछित थे. इनमें हत्या की कोशिश, चोरी, कारजैकिंग और मारपीट जैसे मामले शामिल थे.
मलेशिया से लौटे तीन आरोपियों पर क्या आरोप?
पंजाब पुलिस के अनुसार जसप्रीत सिंह उर्फ जस बेहबल जून 2019 में मलेशिया गया था और बाद में बंबीहा गैंग से जुड़ गया. पुलिस ने उसे जुलाई 2025 में फरीदकोट में यदविंदर सिंह की हत्या के मामले में वांछित बताया है.
अजय सिंह और पवंदीप सिंह पर अक्टूबर 2025 में लुधियाना में हुए विस्फोटक मामले में शामिल होने का आरोप है. पुलिस के मुताबिक इस मामले में चीन में बना पी86 हैंड ग्रेनेड बरामद किया गया था. दोनों पर हमले की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है.