US F35 In India: अमेरिका का F-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान भारत में होने वाले एक सैन्य अभ्यास में पहली बार हिस्सा ले सकता है. ‘द ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायुसेना अगले महीने जोधपुर में ‘तरंग शक्ति’ अभ्यास के दूसरे संस्करण की मेजबानी करने जा रही है. इसमें F-35 के एक छोटे दल के शामिल होने की संभावना है.
जोधपुर एयरबेस पर होने वाले इस अभ्यास में कई देशों की वायुसेनाएं हिस्सा लेंगी. अमेरिका का F-35 इससे पहले भारत आ चुका है, लेकिन यहां किसी सैन्य अभ्यास में शामिल नहीं हुआ है. यह विमान बेंगलुरु में हुए एयर शो में भी नजर आ चुका है.
ऑस्ट्रेलिया के अभ्यास में भी शामिल हुआ था F-35
F-35 हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में हुए ‘पिच ब्लैक’ सैन्य अभ्यास का हिस्सा बना था. इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना ने भी भाग लिया था. अगर F-35 जोधपुर में ‘तरंग शक्ति’ अभ्यास में शामिल होता है तो यह भारत में इस विमान की पहली सैन्य अभ्यास भागीदारी होगी. इससे भारत और अमेरिका के बीच वायुसेना सहयोग को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.
जोधपुर में जुटेंगी कई देशों की वायुसेनाएं
रिपोर्ट के मुताबिक, इस दो साल में एक बार होने वाले अभ्यास में अमेरिका के अलावा यूएई, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, फ्रांस, ग्रीस, सिंगापुर और श्रीलंका समेत कई देशों की वायुसेनाएं शामिल होंगी. करीब 18 देशों के सैन्य पर्यवेक्षकों के भी अभ्यास में पहुंचने की उम्मीद है.
भारत ने इस अभ्यास के लिए 51 देशों को न्योता भेजा है और अलग-अलग देशों की भागीदारी की पुष्टि धीरे-धीरे हो रही है. ‘तरंग शक्ति’ का दूसरा संस्करण ऐसे समय में हो रहा है जब पिछले साल मई में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों और सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की थी. इसके बाद यह भारत में होने वाला बड़े स्तर का पहला बहुराष्ट्रीय वायुसेना अभ्यास होगा.
पहली बार 2024 में हुआ था अभ्यास
‘तरंग शक्ति’ का पहला संस्करण 2024 में आयोजित किया गया था. इसका मकसद अलग-अलग देशों की वायुसेनाओं के बीच आपसी सहयोग बढ़ाना, रक्षा साझेदारी मजबूत करना और भारत की स्वदेशी विमान तकनीक को दुनिया के सामने रखना था.
इस बार भारतीय वायुसेना के तेजस, हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर और एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर जैसे विमान और हेलीकॉप्टर भी अभ्यास में शामिल हो सकते हैं. अभ्यास के दौरान उड़ान प्रशिक्षण के साथ जमीन पर प्रशिक्षण, विमानों के रखरखाव और तकनीकी जानकारी को लेकर भी देशों के बीच बातचीत होगी.
पहले संस्करण में 150 विमान हुए थे शामिल
अगस्त-सितंबर 2024 में हुए ‘तरंग शक्ति’ के पहले संस्करण को दो चरणों में आयोजित किया गया था. इसमें करीब 150 विमानों ने हिस्सा लिया था. 11 देशों ने अपने सैन्य विमान और दूसरे संसाधन भेजे थे, जबकि कई अन्य देशों ने पर्यवेक्षक के तौर पर भाग लिया था.
F-35B को लेकर भी भारत से जुड़ी एक घटना सामने आ चुकी है. यह F-35 का अमेरिकी मरीन कॉर्प्स वाला संस्करण है. पिछले साल जून में ब्रिटिश विमानवाहक पोत एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स के संचालन के दौरान एक F-35B ने तिरुवनंतपुरम में आपात लैंडिंग की थी.
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