पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के तहत मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है. बंगाल में पहले चरण के तहत 152 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं, जबकि तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर एक ही चरण में मतदान हो रहा है. मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक जारी रहेगा.
पश्चिम बंगाल: पहले चरण में कड़ी टक्कर
पश्चिम बंगाल में इस बार मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच माना जा रहा है. चुनाव आयोग ने इस बार सुरक्षा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए हर पोलिंग बूथ पर वेबकास्टिंग यानी लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था की है, जो पहली बार इतने बड़े स्तर पर लागू हो रही है.
राज्य की कुल 294 सीटों में से बाकी 142 सीटों पर दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी.
वोटर्स और बूथ की बड़ी तस्वीर
पश्चिम बंगाल में इस बार लगभग 6.80 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे. इनमें करीब 5.23 लाख मतदाता पहली बार वोट डाल रहे हैं. इसके अलावा, 85 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 3.79 लाख वरिष्ठ मतदाता भी इस चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं.
पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान हो रहा है, जिसके लिए कुल 44,376 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. राज्य में 210 सामान्य सीटें हैं, जबकि 68 सीटें अनुसूचित जाति और 10 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं.
ममता बनर्जी के सामने चौथी बार का मौका
पश्चिम बंगाल में पिछले 14 वर्षों से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सत्ता में हैं. अगर इस बार उनकी पार्टी जीत हासिल करती है, तो वह लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बना सकती हैं. ऐसा करने वाली वह देश की पहली महिला होंगी.
हालांकि, देश में सबसे ज्यादा बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड तमिलनाडु की पूर्व नेता जे. जयललिता के नाम है, जिन्होंने पांच बार यह पद संभाला, लेकिन उनके कार्यकाल लगातार नहीं थे.
तमिलनाडु: एक चरण में पूरी तस्वीर साफ
तमिलनाडु में सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में मतदान हो रहा है. यहां मुकाबला मुख्य रूप से DMK गठबंधन (जिसमें कांग्रेस और अन्य दल शामिल हैं) और AIADMK-BJP गठबंधन के बीच है.
इस बार चुनाव को खास बनाने वाला एक और पहलू है अभिनेता थलापति विजय की नई पार्टी TVK, जिसने चुनावी मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है.
राज्य की राजनीति का इतिहास
तमिलनाडु में आजादी के बाद शुरुआती वर्षों में कांग्रेस का दबदबा रहा, लेकिन 1967 के विधानसभा चुनाव के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आया. तब से लेकर अब तक राजनीति मुख्य रूप से DMK और AIADMK के बीच ही घूमती रही है.
फिलहाल राज्य में एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में DMK की सरकार है, जो 2021 के चुनाव के बाद सत्ता में आई थी. उनकी पार्टी कांग्रेस, वीसीके और वामपंथी दलों के साथ गठबंधन में है.
महाराष्ट्र: बारामती सीट पर उपचुनाव
इसी के साथ महाराष्ट्र की बारामती विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव हो रहा है. यह सीट उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद खाली हुई थी.
इस सीट पर अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार मैदान में हैं. दिलचस्प बात यह है कि विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) ने इस सीट पर कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है, जिससे मुकाबला एकतरफा होता नजर आ रहा है.
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