India Heatwave 2024: उत्तर भारत के बड़े हिस्से इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं. मौसम विभाग ने साफ चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब जैसे मैदानी राज्यों में अगले कुछ दिनों तक हालात और कठिन हो सकते हैं. राजधानी दिल्ली में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और इसके 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंचने की संभावना जताई गई है, जिससे दिन के समय बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है.
हरियाणा में भी गर्मी का असर काफी तीखा रहने वाला है. यहां न केवल दिन में लू चलेगी, बल्कि रात के समय भी राहत मिलने की उम्मीद कम है. ‘गर्म रातों’ की स्थिति के कारण रात का तापमान भी सामान्य से ज्यादा बना रहेगा, जिससे लोगों को 24 घंटे गर्मी झेलनी पड़ सकती है. वहीं उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में अगले चार से पांच दिनों तक शुष्क मौसम और तेज गर्मी बनी रहने का अनुमान है.
पंजाब में कैसा रहेगा मौसम?
पंजाब में भी मौसम साफ रहने के कारण धूप का असर और तेज हो गया है. आसमान में बादल न होने से सूरज की किरणें सीधे जमीन पर पड़ रही हैं, जिससे तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और लू चलने के पूरे आसार हैं. ऐसे हालात में मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
पहाड़ी इलाकों में बदलेगा मौसम
जहां मैदानी इलाकों में गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, वहीं पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में 23 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है. इसके असर से इन क्षेत्रों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है.
इस बदलाव से वहां के तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी और स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी गर्मी से राहत मिल सकती है. हालांकि यह राहत फिलहाल सिर्फ पहाड़ी क्षेत्रों तक सीमित रहने की संभावना है.
देशभर में बढ़ता तापमान बना चिंता का कारण
भारत इस समय ऐसी गर्मी का सामना कर रहा है, जो सामान्य से कहीं ज्यादा तीव्र है. हालिया आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया के सबसे गर्म शहरों की सूची में भारत के शहरों का दबदबा है. यह स्थिति इस बात का संकेत है कि इस बार गर्मी ने अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और हालात असामान्य होते जा रहे हैं. मौसम विभाग के अनुसार 22 से 24 अप्रैल के बीच लू का प्रभाव जारी रहेगा और कई इलाकों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तक पहुंच सकता है.
वैज्ञानिक मानकों के अनुसार जब तापमान 40 डिग्री के पार जाता है, तब हीटवेव की स्थिति मानी जाती है, लेकिन इस बार कई शहर इस सीमा को काफी पीछे छोड़ चुके हैं. बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के कई शहर इस समय सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. गर्मी का यह स्तर न केवल आम जनजीवन को प्रभावित कर रहा है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ा रहा है.
आखिर क्यों बढ़ रही है इतनी भीषण गर्मी?
इस असाधारण गर्मी के पीछे कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं. अप्रैल के महीने में आमतौर पर प्री-मानसून हीट देखने को मिलती है, लेकिन इस बार स्थिति ज्यादा गंभीर है. साफ आसमान और बादलों की कमी के कारण सूर्य की किरणें बिना किसी रुकावट के सीधे जमीन को गर्म कर रही हैं.
इसके अलावा, जमीन की सतह तेजी से गर्म होने के कारण वातावरण का तापमान भी तेजी से बढ़ रहा है. यही वजह है कि दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी कम नहीं हो पा रहा है.
लोगों के लिए जरूरी सलाह
ऐसे हालात में मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, ज्यादा से ज्यादा पानी पीने और खुद को हाइड्रेट रखने की सलाह दी है. खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है. कुल मिलाकर, उत्तर भारत में गर्मी का यह दौर अभी कुछ दिन और जारी रहने वाला है. ऐसे में सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है.
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