Delhi Weather: दिल्ली-एनसीआर के लोगों को मॉनसून का इंतजार है, लेकिन बारिश अभी तक राहत नहीं दे पाई है. इसके उलट राजधानी में गर्मी और उमस लगातार बढ़ती जा रही है. रविवार को दिल्ली ने पिछले दो साल की सबसे गर्म सुबह दर्ज की. सुबह से ही तेज धूप और उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया. दिनभर सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया और लोग गर्मी से बचने के लिए छांव और ठंडी जगह तलाशते नजर आए.
मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को न्यूनतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी ज्यादा था. वहीं अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. गर्म हवाओं और तेज धूप की वजह से लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा.
दो साल की सबसे गर्म सुबह
मौसम विभाग का कहना है कि जून 2024 के बाद पहली बार दिल्ली में सुबह का तापमान इतना ज्यादा दर्ज किया गया है. सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 31.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया.
सिर्फ सफदरजंग ही नहीं, बल्कि पालम, लोधी रोड, रिज और आयानगर जैसे इलाकों में भी तापमान सामान्य से ज्यादा रहा. सुबह के समय भी गर्मी का असर साफ दिखाई दिया और लोगों को राहत नहीं मिली.
क्यों बढ़ गई गर्मी और उमस?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दिल्ली पहुंचने में देरी हो रही है. इसी वजह से गर्मी और उमस लगातार बढ़ रही है.
पाकिस्तान की ओर से आने वाली गर्म और सूखी हवाएं और अरब सागर से आने वाली नमी वाली हवाएं आपस में टकरा रही हैं. इससे बादल तो बन रहे हैं, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं हो पा रही है. यही कारण है कि मौसम में नमी बढ़ गई है, लेकिन बारिश नहीं होने से लोगों को उमस भरी गर्मी झेलनी पड़ रही है.
50 डिग्री जैसा महसूस हुआ तापमान
रविवार को सिर्फ तापमान ही ज्यादा नहीं था, बल्कि उमस की वजह से गर्मी और भी ज्यादा महसूस हुई. मौसम विभाग के अनुसार, 'फील लाइक टेम्परेचर' यानी महसूस होने वाला तापमान करीब 50.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया.
यही वजह रही कि सुबह से लेकर शाम तक लोग पसीने से परेशान रहे. बिना धूप के भी गर्मी का असर कम नहीं हुआ और बाहर निकलने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
कब पहुंचेगा दिल्ली में मॉनसून?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर दिल्ली में राहत कब मिलेगी. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मौसम की स्थिति अनुकूल रही तो दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 4 जुलाई के आसपास दिल्ली पहुंच सकता है.
अगले कुछ दिनों में एक चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना भी जताई गई है. इसके असर से हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने सोमवार को भी कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है. अगर बारिश होती है तो तापमान में कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है.
हवा की गुणवत्ता भी हुई प्रभावित
तेज गर्मी का असर हवा की गुणवत्ता पर भी देखने को मिला. रविवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI 162 दर्ज किया गया, जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है. हालांकि यह बहुत खराब स्तर पर नहीं है, लेकिन लंबे समय तक बाहर रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
लोगों को क्या सलाह दी गई?
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचें. अगर जरूरी काम हो तभी घर से बाहर जाएं. साथ ही ज्यादा से ज्यादा पानी पीते रहें, हल्के कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें.
फिलहाल दिल्ली-एनसीआर के लोगों की नजरें मॉनसून पर टिकी हैं. उम्मीद की जा रही है कि जुलाई की शुरुआत के साथ बारिश का दौर शुरू होगा और कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी.