थाईलैंड और कम्बोडिया के बीच फिर छिड़ी जंग, दोनों देशों में से किसके पास हैं आधुनिक हथियार?

Thailand Vs Cambodia Defence power: थाईलैंड और कम्बोडिया के बीच पुराना सीमा विवाद एक बार फिर हिंसक रूप लेता दिख रहा है. अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आई रिपोर्टों के अनुसार सोमवार सुबह थाई एयरफोर्स ने कम्बोडिया के अंदर स्थित एक कैसीनो परिसर को निशाना बनाते हुए एयरस्ट्राइक की. 

War broke out again between Thailand and Cambodia which of the two countries has modern weapons
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Thailand Vs Cambodia Defence power: थाईलैंड और कम्बोडिया के बीच पुराना सीमा विवाद एक बार फिर हिंसक रूप लेता दिख रहा है. अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आई रिपोर्टों के अनुसार सोमवार सुबह थाई एयरफोर्स ने कम्बोडिया के अंदर स्थित एक कैसीनो परिसर को निशाना बनाते हुए एयरस्ट्राइक की. 

थाईलैंड का आरोप है कि यह जगह बीते कुछ महीनों से कम्बोडिया की सेना का अनौपचारिक ऑपरेशन सेंटर बन चुकी थी, जहां भारी हथियारों और ड्रोन सिस्टम को तैनात किया जा रहा था. इसी गतिविधि को देखते हुए थाई सेना ने इसे सुरक्षा के लिए खतरा माना और स्ट्राइक को आवश्यक बताया.

सीमा पर गोलीबारी और सैनिक की मौत

एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों की सुरक्षा बलों के बीच गोलीबारी की घटनाएं भी सामने आई हैं. इसी दौरान थाईलैंड का एक सैनिक मारा गया, जबकि आठ अन्य घायल हुए. बढ़ते तनाव ने दोनों देशों के बीच मौजूद शांति प्रयासों पर सवाल खड़े कर दिए हैं और संकेत मिल रहे हैं कि अगर कूटनीतिक समाधान जल्द नहीं निकला तो यह विवाद एक बड़े संघर्ष में बदल सकता है.

ऐसे में यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि यदि हालात युद्ध जैसी स्थिति में बदलते हैं, तो सैन्य क्षमता के लिहाज से किस देश की स्थिति मजबूत है और कौन अधिक समय तक लड़ाई झेल सकता है.

कम्बोडिया की सैन्य ताकत और उसकी सीमाएं

कम्बोडिया ने पिछले वर्षों में अपनी सेना का आकार बढ़ाया जरूर है, लेकिन तकनीकी स्तर पर वह अभी भी क्षेत्र के कई देशों की तुलना में काफी पीछे है. वर्तमान में उसके पास लगभग 1.70 लाख सक्रिय सैनिक हैं, जबकि करीब एक लाख रिज़र्व सैनिक भी मौजूद हैं. इसके बावजूद उसका रक्षा बजट 1.3 अरब डॉलर के आसपास है, जो आधुनिक हथियारों की खरीद और अपग्रेडेशन के लिए काफी सीमित माना जाता है.

जमीनी हथियारों की बात करें तो कम्बोडिया के पास अभी भी सोवियत दौर के T-55 और चीनी Type-59 जैसे पुराने टैंक हैं. आर्टिलरी सिस्टम भी ज्यादातर पिछली पीढ़ी के हैं, जो आधुनिक युद्धक्षेत्र की जरूरतों को पूरी तरह पूरा नहीं कर पाते. रॉकेट सिस्टम में भी कम्बोडिया के पास केवल BM-21 Grad जैसे बेसिक हथियार हैं, जिनकी रेंज और सटीकता दोनों सीमित हैं.

वायुसेना में आधुनिक फाइटर जेट की कमी

कम्बोडिया की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी वायुसेना मानी जाती है. उसके पास एक भी अत्याधुनिक फाइटर जेट नहीं है. हेलीकॉप्टरों का बेड़ा भी बेहद पुराना है, जिसमें मुख्य रूप से Mi-8 और Z-9 जैसे मॉडल शामिल हैं. केवल दस ट्रांसपोर्ट हेलीकॉप्टरों पर निर्भर यह वायुसेना किसी भी बड़े हवाई अभियान की क्षमता नहीं रखती. सीमित संसाधनों के कारण कम्बोडिया मुख्य रूप से छोटे निगरानी ड्रोन का उपयोग करता है, जो युद्ध क्षमता में विशेष योगदान नहीं देते.

समुद्री मोर्चे पर भी कम्बोडिया कमजोर

नौसेना की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है. उसके पास लगभग दर्जनभर छोटे गश्ती जहाज हैं, लेकिन कोई बड़ा युद्धपोत, मिसाइल फ्रिगेट या पनडुब्बी मौजूद नहीं है. इस कारण कम्बोडिया के लिए समुद्री संघर्ष में अपने हितों की रक्षा करना काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

थाईलैंड की सेना: आकार, तकनीक और संसाधन में भारी बढ़त

इसके मुकाबले थाईलैंड दक्षिण-पूर्व एशिया की प्रमुख सैन्य शक्तियों में गिना जाता है. ग्लोबल फायरपावर-2025 में थाईलैंड दुनिया की 24वीं सबसे ताकतवर सेना के रूप में दर्ज है. उसके पास 3.6 लाख सक्रिय सैनिक हैं और दो लाख से अधिक रिज़र्व फोर्स भी मौजूद है. यह संख्या कम्बोडिया से कई गुना अधिक है. थाई सरकार का रक्षा बजट लगभग 5.7 अरब डॉलर है, जिससे उसे आधुनिक हथियारों और तेज़ी से अपडेट होती तकनीक तक पहुंच मिलती है.

थाई थलसेना के पास आधुनिक M60 और VT-4 टैंक, 2600 से अधिक आर्टिलरी सिस्टम और कई अत्याधुनिक MLRS रॉकेट सिस्टम मौजूद हैं. इसके अलावा सेना के पास 1200 से अधिक बख्तरबंद वाहन भी हैं, जो उसे ज़मीनी युद्ध में बड़ी बढ़त देते हैं.

थाई वायुसेना: आधुनिक जेट और उन्नत तकनीक

थाई वायुसेना कम्बोडिया की तुलना में कहीं अधिक आधुनिक और सक्षम है. उसके पास 40 से 50 F-16 फाइटर जेट हैं, साथ ही Saab Gripen जैसे उन्नत युद्धक विमान भी शामिल हैं. सौ से अधिक हेलीकॉप्टर, जिनमें अटैक हेलीकॉप्टर Cobra भी शामिल है, थाई एयरफोर्स को मजबूत बनाते हैं. आधुनिक ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम भी इसकी क्षमता में इजाफा करते हैं. यही कारण है कि थाई वायुसेना को इस क्षेत्र में सबसे सक्षम माना जाता है.

समुद्र में भी थाईलैंड की प्रभुत्व क्षमता

थाई नौसेना के पास एक एयरक्राफ्ट कैरियर है, जो कम्बोडिया के पास बिल्कुल नहीं है. इसके अलावा सात फ्रिगेट, बीस से अधिक कोरवेट युद्धपोत और एक पनडुब्बी इसे समुद्री शक्ति के लिहाज से कम्बोडिया पर कई गुना बढ़त प्रदान करते हैं. 70 हजार नौसैनिकों के साथ थाईलैंड क्षेत्रीय जल क्षेत्र में लंबे समय तक ऑपरेशन चला सकता है.

थाईलैंड की सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत

थाईलैंड का अमेरिका के साथ “नॉन-नाटो मेजर एलाय” के रूप में जुड़ा होना उसे अतिरिक्त सामरिक शक्ति देता है. अमेरिकी हथियार, तकनीकी सहायता, खुफिया जानकारी और सैन्य प्रशिक्षण थाई सेना को और भी सक्षम बनाते हैं. इसके विपरीत कम्बोडिया के पास ऐसा कोई बड़ा वैश्विक सहयोगी नहीं है, जिससे उसका सामरिक संतुलन और कमजोर पड़ जाता है.

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