इजरायल और ईरान के बीच भीषण जंग की आहट! खामेनेई ने बनाई 2000 मिसाइल दागने की योजना, नेतन्याहू ने भी उठाया बड़ा कदम

Iran Israel War: ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों की बढ़ती आशंका के बीच इजरायल ने अपनी सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. इजरायली रक्षा मंत्रालय ने सरकार से 144 अरब शेकेल (करीब 44.7 अरब डॉलर) का रक्षा बजट मांगा है.

war between Israel and Iran Khamenei planned to fire 2000 missiles Netanyahu also took a big step
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Iran Israel War: ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों की बढ़ती आशंका के बीच इजरायल ने अपनी सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. इजरायली रक्षा मंत्रालय ने सरकार से 144 अरब शेकेल (करीब 44.7 अरब डॉलर) का रक्षा बजट मांगा है. इस रकम का एक बड़ा हिस्सा, करीब 7 अरब शेकेल (2.2 अरब डॉलर) सीधे तौर पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन खतरे से निपटने पर खर्च किया जाएगा.

हाल ही में मिली खुफिया रिपोर्ट्स ने इजरायल की चिंता और बढ़ा दी है. दावा किया गया कि ईरान ने इजरायल पर एक साथ 2000 बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की योजना बनाई थी. इससे इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम पर इतना दबाव बन सकता है कि वह फेल हो जाए.

इजरायली रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक मेजर जनरल अमीर बारम ने कहा, “हमारे दुश्मन लगातार अपने शस्त्रागार को बढ़ा रहे हैं. हमें तुरंत टैंकों, ड्रोन और सीमाओं की सुरक्षा के लिए आपातकालीन आपूर्ति की जरूरत है.” उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान के बढ़ते सैन्य अभ्यास और हथियारों की खरीद को देखते हुए इजरायल को अब अपने डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करना ही होगा.

ईरान-इजरायल टकराव का पुराना इतिहास

दोनों देशों के बीच दुश्मनी कोई नई नहीं है. जून 2025 में इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान छेड़ा था, जिसमें तेहरान के कई परमाणु और सैन्य ठिकाने निशाना बने. इसके जवाब में ईरान ने सैकड़ों ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से पलटवार किया. इस घटनाक्रम ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा दिया था.

बाद में अमेरिका ने भी हस्तक्षेप करते हुए ईरान के फोर्डो, नतांज और एस्फहान स्थित ठिकानों पर हमले किए. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि “ईरान का परमाणु कार्यक्रम लगभग पूरी तरह नष्ट हो चुका है.”

ईरान अब भी खतरा है

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संसद (नेसेट) में कहा, “ईरान की दुष्ट धुरी को हमने कमजोर किया है, लेकिन खतरा अब भी बरकरार है. हमें परमाणु और बैलिस्टिक दोनों मोर्चों पर तैयार रहना होगा.” वहीं, इजरायल के वित्त मंत्रालय ने रक्षा बजट बढ़ाने के फैसले का समर्थन तो किया, लेकिन साथ ही यह चेतावनी भी दी कि इतना बड़ा खर्च देश की अर्थव्यवस्था पर बोझ डाल सकता है.

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