महाराष्ट्र में BMC के लिए वोटिंग आज, मैदान में 15931 कैंडिडेट, छह साल बाद हो रहे महानगरपालिका चुनाव

महाराष्ट्र में गुरुवार, 15 जनवरी को 29 महानगरपालिकाओं के लिए मतदान कराया जा रहा है. राज्यभर में सुबह 7:30 बजे से मतदान शुरू हो गया है, जो शाम 5:30 बजे तक चलेगा.

Voting for BMC in Maharashtra today municipal elections
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BMC Election: महाराष्ट्र में गुरुवार, 15 जनवरी को 29 महानगरपालिकाओं के लिए मतदान कराया जा रहा है. राज्यभर में सुबह 7:30 बजे से मतदान शुरू हो गया है, जो शाम 5:30 बजे तक चलेगा. इन चुनावों में कुल 2,869 सीटों के लिए 15,931 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. लगभग 3.48 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर शहरी निकायों की सत्ता तय करेंगे. मतगणना 16 जनवरी को होगी.

इन चुनावों में सबसे ज्यादा चर्चा देश की आर्थिक रूप से सबसे समृद्ध नगर निकाय—बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC)—को लेकर है. मुंबई में सत्ताधारी बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन महायुति और विपक्षी खेमे, खासकर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है.

शिवसेना विभाजन के बाद पहला BMC चुनाव

यह चुनाव 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद पहला बीएमसी चुनाव है. उस वर्ष एकनाथ शिंदे पार्टी के अधिकांश विधायकों के साथ अलग हो गए थे और बाद में उन्हें शिवसेना का नाम और चुनाव चिह्न मिला. अविभाजित शिवसेना ने करीब 25 वर्षों तक बीएमसी पर शासन किया था. इस बार का चुनाव इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसका परिणाम मुंबई की राजनीति की दिशा तय कर सकता है.

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया है कि शिवसेना (यूबीटी) के साथ गठबंधन करने से एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे को राजनीतिक नुकसान हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में एनसीपी के दोनों गुटों का साथ आना केवल स्थानीय स्तर का घटनाक्रम है और इसका राज्यव्यापी असर नहीं पड़ेगा.

महायुति में रणनीति और अंदरूनी मतभेद

महायुति गठबंधन में बीजेपी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना शामिल हैं, जबकि एनसीपी इसका तीसरा सहयोगी है. पर्यवेक्षकों के अनुसार, कुछ इलाकों में एनसीपी को प्रचार से रणनीतिक रूप से दूर रखा गया ताकि अल्पसंख्यक और गैर-हिंदू मतदाताओं को आकर्षित किया जा सके.

मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह भी आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार ने गठबंधन सहयोगियों के बीच तय मर्यादा का उल्लंघन करते हुए सार्वजनिक बयानबाजी की. इसके बावजूद फडणवीस ने पूरे राज्य में महायुति उम्मीदवारों के लिए व्यापक प्रचार किया.

29 महानगरपालिकाएं, कड़ा सुरक्षा इंतजाम

इन चुनावों में मुंबई, पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, ठाणे, नागपुर, नासिक, नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली, वसई-विरार, मीरा-भायंदर, सोलापुर, अमरावती, अकोला, लातूर, धुले, जालना, सांगली-मिराज-कुपवाड़, जलगांव, मालेगांव, भिवंडी-निजामपुर, नांदेड़-वाघाला, पनवेल, उल्हासनगर, चंद्रपुर, परभणि, अहिल्यानगर, इचलकरंजी और छत्रपति संभाजीनगर जैसी प्रमुख महानगरपालिकाएं शामिल हैं.

बीएमसी चुनाव के मद्देनज़र मुंबई में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. मतदान और मतगणना के दौरान 25,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है.

ठाकरे बंधु साथ, राजनीतिक समीकरण बदले

चुनाव से पहले एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम के तहत लंबे समय बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ आए हैं. दोनों ने मराठी मतदाताओं को एकजुट करने की अपील की है और मुंबई, ठाणे, नासिक तथा छत्रपति संभाजीनगर में संयुक्त रूप से प्रचार किया.

वहीं पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में एनसीपी के प्रतिद्वंद्वी गुटों का साथ आना भी चुनाव का एक महत्वपूर्ण पहलू रहा. दूसरी ओर, कांग्रेस ने मुंबई में महाविकास आघाड़ी से अलग होकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है. पार्टी ने यहां प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी और राष्ट्रीय समाज पक्ष के साथ गठबंधन किया है, जबकि नागपुर में कांग्रेस अकेले मैदान में है.

छह साल बाद हो रहे नगर निगम चुनाव

इन 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव छह साल से भी अधिक समय के अंतराल के बाद हो रहे हैं. इन नगर निगमों का कार्यकाल 2020 से 2023 के बीच समाप्त हो चुका था, लेकिन विभिन्न कारणों से चुनाव टलते रहे. ऐसे में यह चुनाव शहरी शासन के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं.

प्रचार में दिग्गज नेता, लोकलुभावन वादे

मुख्यमंत्री फडणवीस ने दोनों उपमुख्यमंत्रियों एकनाथ शिंदे और अजित पवार के साथ राज्यभर में प्रचार किया. वहीं उद्धव और राज ठाकरे ने भी पूरी ताकत झोंकी. इसके अलावा एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, तेलंगाना के मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन और तमिलनाडु बीजेपी के नेता के. अन्नामलाई भी स्टार प्रचारकों में शामिल रहे.

घोषणापत्रों में महिलाओं को लेकर कई लोकलुभावन वादे किए गए हैं. महायुति ने बेस्ट बसों में महिलाओं को 50 प्रतिशत किराया छूट देने की घोषणा की है. वहीं ठाकरे बंधुओं ने घरेलू कामकाजी महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक सहायता और 700 वर्ग फुट तक के घरों पर संपत्ति कर माफ करने का वादा किया है.

कांग्रेस का फोकस और मेयर की सियासत

कांग्रेस के घोषणापत्र में मुंबई के प्रदूषण से निपटने, बेस्ट बस सेवा को मजबूत करने और नगर निगम की वित्तीय स्थिति सुधारने को प्राथमिकता दी गई है. महापौर पद को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज रही. बीजेपी ने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) की जीत से मुस्लिम महापौर बन सकता है, जबकि उद्धव ठाकरे की पार्टी ने मराठी महापौर बनाने की बात कही. मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी यह दावा किया कि अगला महापौर “हिंदू और मराठी” होगा.

मुंबई में सीटों का गणित

227 वार्डों वाली मुंबई महानगरपालिका में बीजेपी 137 सीटों पर, शिवसेना (शिंदे गुट) 90 सीटों पर और एनसीपी 94 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. शिवसेना (यूबीटी) ने 163, एमएनएस ने 52, कांग्रेस ने 143 और वंचित बहुजन आघाड़ी ने 46 उम्मीदवार उतारे हैं. कांग्रेस ने राज्य के अन्य हिस्सों में कुल 1,263 प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं.

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