दुबई की चमकती रात में विराट कोहली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनसे बड़ा वनडे कलाकार इस दौर में शायद ही कोई हो. साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 93 गेंदों पर 102 रन ठोककर न सिर्फ टीम इंडिया को मजबूत स्थिति में पहुँचाया, बल्कि यह दिखा दिया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है. जुनून और फिटनेस ही खिलाड़ी को आगे बढ़ाते हैं. लगातार दूसरा शतक… वह भी ऐसे समय में, जब उनके भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हों, कोहली ने बल्ले से ही सारे जवाब दे दिए.
कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हेड कोच गौतम गंभीर और चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर भविष्य की टीम को ध्यान में रखते हुए रोहित शर्मा और विराट कोहली पर निर्भरता कम करना चाहते हैं. माना यह जा रहा था कि 2027 वर्ल्ड कप तक दोनों खिलाड़ियों को सिस्टम से बाहर किया जा सकता है, क्योंकि तब दोनों लगभग 39 साल के होंगे. लेकिन वर्तमान फॉर्म ने इस प्लानिंग की दिशा ही बदल दी है. विराट दो लगातार शतक जड़ रहे हैं, वहीं रोहित शर्मा पिछले चार वनडे में 121* और 73 जैसे बड़े स्कोर बनाकर अपनी मौजूदगी का दम दिखा चुके हैं. यह प्रदर्शन किसी भी चयनकर्ता या कोच के लिए उन्हें नज़रअंदाज़ करना लगभग असंभव बना देता है.
वर्ल्ड कप का लंबा सफर, अनुभव जो अद्वितीय है
विराट और रोहित न सिर्फ स्टार बल्लेबाज हैं, बल्कि वर्ल्ड कप जैसे दबाव वाले मंच पर खेलने का अनुभव भी उनके पक्ष में जाता है.रोहित शर्मा ने 2015, 2019 और 2023 तीन वर्ल्ड कप खेले हैं. विराट कोहली 2011 की वर्ल्ड कप विजेता टीम का हिस्सा रहे थे और तब गौतम गंभीर ने फाइनल में 97 रन बनाकर इतिहास रचा था. रांची की पारी में विराट ने 135 रन बनाए थे जिसमें 11 चौके और 7 छक्के शामिल थे. रायपुर में 102 रन की शतकीय पारी ने उनके क्लास की फिर पुष्टि कर दी. इतने वर्षों बाद भी उनका खेल पहले की तरह चमकदार है.
बड़े सितारों की विदाई के बाद टीम इंडिया पर दबाव बढ़ा
रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन के टेस्ट और टी-20 क्रिकेट से संन्यास के बाद भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है. साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में 0-2 की हार ने यह दिखाया कि अनुभवी खिलाड़ियों की कमी टीम को तुरंत महसूस होने लगी है. ऐसे में रोहित-विराट की जारी फॉर्म टीम इंडिया के लिए उम्मीद की किरण है. ये दोनों सिर्फ भारतीय टीम के ही नहीं, बल्कि दुनिया के किसी भी स्क्वॉड में सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों की श्रेणी में आते हैं.
टीम इंडिया को रोहित-विराट की जरूरत है
दिग्गज सुनील गावस्कर ने यह स्पष्ट कहा है कि मामला रोहित-विराट की नहीं, बल्कि टीम इंडिया की ज़रूरतों का है. अगर भारत 2027 वर्ल्ड कप जीतना चाहता है, तो इन दोनों दिग्गजों का होना बहुत जरूरी है. उनकी बात सही भी लगती है. क्योंकि जब दुनिया के दो सबसे अनुभवी और इन-फॉर्म बल्लेबाज अब भी_match-winning_ खेल दिखा रहे हों, तो उन्हें दरकिनार करना टीम के हित में नहीं माना जा सकता.
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