Vijay Hazare Trophy: विजय हजारे ट्रॉफी का चौथा राउंड देशभर के अलग-अलग मैदानों पर खेला जा रहा है और इसी कड़ी में मुंबई और गोवा के बीच मुकाबला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा. इस मैच की सबसे बड़ी कहानी रही अर्जुन तेंदुलकर का अपनी पुरानी घरेलू टीम मुंबई के खिलाफ पहली बार वनडे मैच खेलना, जिसने फैंस और क्रिकेट पंडितों की उत्सुकता बढ़ा दी.
महान बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर ने 2022-23 सीजन से गोवा की टीम जॉइन की थी. इस मुकाबले में उन्होंने पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई के खिलाफ मैदान संभाला. गोवा इस मैच में शानदार फॉर्म के साथ उतरी थी, जिसने इससे पहले छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम को हराया था. अर्जुन शुरुआती मैच में नहीं खेले थे, लेकिन अगले दो मुकाबलों में वह प्लेइंग इलेवन का हिस्सा रहे.
यशस्वी जायसवाल की वापसी, ओपनिंग में दिखी मजबूती
मुंबई की ओर से इस मैच में यशस्वी जायसवाल ने विजय हजारे ट्रॉफी में इस सीजन डेब्यू किया. पेट की गंभीर बीमारी (एक्यूट गैस्ट्रोएंटराइटिस) के कारण वह पहले तीन मैच नहीं खेल पाए थे. ओपनिंग करते हुए उन्होंने रोहित शर्मा की जगह ली, जो शुरुआती दो मुकाबले खेलने के बाद अब न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सीरीज की तैयारी में जुट गए हैं. जायसवाल ने 64 गेंदों में 46 रन बनाए और अपनी पारी में 6 चौके लगाए. भले ही वह अर्धशतक से चूक गए, लेकिन उन्होंने मुंबई को मजबूत शुरुआत दिलाई.
सरफराज खान का तूफानी शतक, मुंबई का विशाल स्कोर
मुंबई की बल्लेबाज़ी का असली तूफान नंबर चार पर उतरे सरफराज खान ने खड़ा किया. उन्होंने महज 77 गेंदों में 157 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 14 छक्के और 9 चौके शामिल थे. सरफराज की इस ऐतिहासिक पारी के दम पर मुंबई ने 50 ओवर में 8 विकेट पर 444 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया.
टॉस गोवा का, लेकिन मैच मुंबई के नाम
जयपुर के जयपुरिया विद्यालय ग्राउंड पर गोवा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी चुनी. अर्जुन तेंदुलकर ने 7 ओवर में 62 रन खर्च किए, लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला. जायसवाल ने उनकी गेंदों पर भी शुरुआती ओवरों में बाउंड्री लगाई.
गोवा के सामने 445 रन की कठिन चुनौती
सरफराज खान की आक्रामक बल्लेबाज़ी और मुंबई के मजबूत टॉप ऑर्डर की बदौलत गोवा के सामने 445 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य खड़ा हुआ है. खबर लिखे जाने तक गोवा की पारी शुरू होना बाकी थी, लेकिन इतना तय है कि यह मुकाबला अर्जुन तेंदुलकर और मुंबई की बैटिंग के कारण लंबे समय तक याद रखा जाएगा.
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