होटल, महल जैसा प्लेन, 13 हजार करोड़ का गोल्फ रिसोर्ट, ट्रंप को देशों से क्यों मिल रहे महंगे गिफ्ट?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ब्रांड से जुड़ी कंपनियों को वियतनाम, इंडोनेशिया, तुर्किये, अजरबैजान और यहां तक कि पाकिस्तान जैसे देशों से अरबों डॉलर के प्रोजेक्ट मिल रहे हैं.

Vietnam gifts Trump a golf resort worth Rs 13000 crore
Image Source: Social Media

वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ब्रांड से जुड़ी कंपनियों को वियतनाम, इंडोनेशिया, तुर्किये, अजरबैजान और यहां तक कि पाकिस्तान जैसे देशों से अरबों डॉलर के प्रोजेक्ट मिल रहे हैं. यह सब ऐसे वक्त में हो रहा है जब डोनाल्ड ट्रंप 2024 में एक बार फिर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं.

13,000 करोड़ का 'गोल्फ डिप्लोमेसी' गिफ्ट

वियतनाम के विन फुक प्रांत में प्रस्तावित ‘ट्रंप इंटरनेशनल गोल्फ रिसोर्ट’ चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है. लगभग 13 हजार करोड़ रुपये की यह परियोजना, वियतनाम सरकार द्वारा राष्ट्रीय प्राथमिकता बताकर हरी झंडी दी गई है. हैरान करने वाली बात यह है कि इस प्रोजेक्ट को न केवल भूमि अधिग्रहण संबंधी नियमों से छूट मिली है, बल्कि इसके लिए पारंपरिक वित्तीय जांच की प्रक्रियाएं भी दरकिनार कर दी गईं.

सूत्रों का दावा है कि यह रियायतें इसलिए दी गईं क्योंकि यह प्रोजेक्ट सीधे ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन से जुड़ा हुआ है.

इंडोनेशिया भी पीछे नहीं

वियतनाम की ही तर्ज पर इंडोनेशिया ने भी ट्रंप ब्रांड को होटल और गोल्फ कोर्स प्रोजेक्ट ऑफर किए हैं. बाली और वेस्ट जावा में इन प्रोजेक्ट्स की चर्चा है, जिनमें भी कानूनी प्रक्रियाओं को पर्याप्त लचीलापन दिया गया है.

इन दोनों देशों की कोशिशें कहीं न कहीं अमेरिका से अपने द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूती देने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही हैं.

तुर्किये और अजरबैजान की 'सॉफ्ट डिप्लोमेसी'

तुर्किये की राजधानी इस्तांबुल में ट्रंप टावर्स रेसिडेंशियल और ऑफिस कॉम्प्लेक्स प्रोजेक्ट पहले से ही ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन के साथ चल रहा है. यह साझेदारी स्थानीय समूह डोगान होल्डिंग के साथ हुई है, जिनके राष्ट्रपति एर्दोआन की पार्टी के करीबी होने की बात कही जाती है.

अजरबैजान में भी ट्रंप इंटरनेशनल होटल प्रोजेक्ट पर काम जारी है, जिसे स्थानीय कारोबारी मम्मदोव के साथ मिलकर किया गया है. इस डील पर वित्तीय पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ चुके हैं.

फिलीपींस में लॉबिंग, पाकिस्तान में पावर सपोर्ट

फिलीपींस में भी ट्रंप परिवार को बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट देने के लिए पर्दे के पीछे लॉबिंग चल रही है. सूत्रों का कहना है कि फिलीपींस सरकार ट्रंप ब्रांड के ज़रिए अमेरिकी निवेश को आकर्षित करना चाहती है.

सबसे चौंकाने वाला मामला पाकिस्तान का है. वहां की सरकार ने ट्रंप समर्थित एआई प्रोजेक्ट को 2,000 मेगावाट बिजली आवंटित की है. इस बिजली का उपयोग बिटकॉइन माइनिंग और एआई डेटा सेंटर ऑपरेशन्स में किया जाएगा.

पाकिस्तान ने हाल ही में क्रिप्टोकरेंसी को वैध कर दिया है और दावा किया है कि देश में 4 करोड़ डिजिटल करेंसी यूजर्स हैं, जिससे ट्रंप के प्रोजेक्ट को मजबूत बूस्ट मिलने की उम्मीद है.

क्या ये सौदे वैश्विक राजनीति को प्रभावित करेंगे?

इन सौदों को महज कारोबारी गतिविधियों के रूप में देखना शायद पूरी तस्वीर को नहीं समझने जैसा होगा. ट्रंप ब्रांड से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय परियोजनाएं अब भूराजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकती हैं. खासकर तब, जब इनमें से कई देश अमेरिकी कूटनीति में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें- भारत में ही बनेंगे 5th जेन स्टील्थ फाइटर जेट, रक्षा मंत्रालय ने मॉडल को दी मंजूरी, जानें इसकी खासियत