लैटिन अमेरिका में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने बुधवार को एक टेलीविजन संबोधन में अमेरिका को सख्त संदेश देते हुए कहा कि उनका देश किसी भी बाहरी हमले का जवाब देने के लिए तैयार है. मादुरो ने खुलासा किया कि उन्होंने देश की रक्षा के लिए रूस से प्राप्त 5,000 इग्ला-एस मिसाइलें तैनात कर दी हैं.
उन्होंने कहा, "हमारे पास 5,000 मिसाइलें हैं, जो हमारी मातृभूमि की आजादी, शांति और संप्रभुता की रक्षा करेंगी. यदि कोई साम्राज्यवादी ताकत हमारी जमीन पर नजर डालती है, तो हम बिना झिझक जवाब देंगे."
मादुरो के इस बयान को अमेरिकी हस्तक्षेप के खिलाफ एक खुली चेतावनी माना जा रहा है.
रूसी मिसाइलों से लैस हुआ वेनेजुएला
वेनेजुएला लंबे समय से रूस के साथ घनिष्ठ रक्षा सहयोग रखता है. “इग्ला-एस” मिसाइलें एक प्रकार की शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम हैं, जो हेलीकॉप्टर, ड्रोन और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों को मार गिराने में सक्षम हैं.
सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, इन मिसाइलों की तैनाती से वेनेजुएला की हवाई सुरक्षा क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी.
मादुरो ने कहा कि ये हथियार देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं और किसी भी संभावित “अमेरिकी सैन्य उकसावे” का जवाब देने में इस्तेमाल किए जाएंगे.
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच टकराव
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच दशकों से रिश्ते तनावपूर्ण रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शासनकाल में दोनों देशों के बीच संबंध और बिगड़ गए थे.
ट्रंप प्रशासन ने 2020 के बाद से वेनेजुएला पर कई आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंध लगाए. इनमें तेल व्यापार पर रोक, वेनेजुएला के सरकारी अधिकारियों की संपत्ति फ्रीज करना और मादुरो के खिलाफ इंटरनेशनल ड्रग ट्रैफिकिंग के आरोप शामिल हैं.
हाल ही में अमेरिका ने वेनेजुएला की समुद्री नावों पर कार्रवाई की थी. अमेरिकी नौसेना ने कहा कि यह “ड्रग्स रोकने के लिए चलाया जा रहा ऑपरेशन” था. लेकिन वेनेजुएला सरकार ने इस कार्रवाई को उसकी संप्रभुता पर हमला करार दिया.
अमेरिका ने मादुरो पर रखा इनाम
अमेरिका ने मादुरो पर मादक पदार्थों की तस्करी और आतंक से जुड़े मामलों में आरोप लगाए हैं. ट्रंप प्रशासन ने 7 अगस्त 2025 को मादुरो की गिरफ्तारी पर 50 मिलियन डॉलर (करीब 420 करोड़ रुपए) का इनाम घोषित किया था.
इसके अलावा अमेरिकी अधिकारियों ने उनसे जुड़ी लगभग 700 मिलियन डॉलर की संपत्ति जब्त की, जिसमें दो निजी विमान भी शामिल हैं.
अमेरिकी न्याय विभाग का आरोप है कि मादुरो ने ड्रग कार्टेल के साथ मिलकर “फेंटानाइल मिश्रित कोकीन” अमेरिका भेजने की साजिश रची थी.
2020 से जारी ‘नार्को-टेररिज्म’ केस
मार्च 2020 में मैनहैटन की संघीय अदालत ने मादुरो और उनके कई सहयोगियों के खिलाफ नार्को-टेररिज्म और ड्रग ट्रैफिकिंग के आरोप तय किए थे. तब अमेरिकी सरकार ने उनकी गिरफ्तारी पर 1.5 करोड़ डॉलर का इनाम रखा था, जिसे बाइडेन प्रशासन ने बाद में बढ़ाकर 2.5 करोड़ डॉलर कर दिया.
इतना बड़ा इनाम अब तक केवल 9/11 हमलों के बाद ओसामा बिन लादेन पर रखा गया था, यानी अमेरिका मादुरो को एक गंभीर खतरे के रूप में देखता है.
वेनेजुएला में मादुरो की विवादित सत्ता
2024 के राष्ट्रपति चुनावों के बाद अमेरिका, यूरोपीय संघ और कई लैटिन अमेरिकी देशों ने चुनाव परिणामों को मानने से इनकार कर दिया था.
इन देशों का आरोप है कि मादुरो ने विपक्षी दलों को दबाने, मीडिया को नियंत्रित करने और सैन्य समर्थन के जरिए सत्ता कायम रखी है.
तेल पर निर्भरता और आर्थिक तबाही
सरकारी नीतियों की विफलता और भ्रष्टाचार के कारण वेनेजुएला अपना अंतरराष्ट्रीय कर्ज नहीं चुका पाया.
BBC की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सात वर्षों में करीब 75 लाख लोग देश छोड़कर जा चुके हैं.
अमेरिकी प्रतिबंधों का असर
अमेरिका ने वेनेजुएला की तेल कंपनियों पर व्यापारिक रोक लगाई है, जिससे देश के लिए विदेशी मुद्रा अर्जित करना लगभग असंभव हो गया है. अमेरिकी बैंकों ने वेनेजुएला की सरकारी एजेंसियों के साथ लेनदेन बंद कर दिया है, जिससे वहां की अर्थव्यवस्था पूरी तरह ठप हो चुकी है.
मादुरो प्रशासन का कहना है कि यह सब “आर्थिक युद्ध” का हिस्सा है, जबकि अमेरिका का दावा है कि यह कदम “लोकतंत्र बहाली” के लिए उठाया गया है.
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