उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस करवा चौथ पर एक उल्लेखनीय निर्णय लिया है. उन्होंने राज्य की सभी महिला कर्मचारियों के लिए पब्लिक छुट्टी घोषित की है. यह अवकाश सरकारी, गैर‑सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत महिलाओं सभी पर लागू होगा.
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह कदम इस पर्व को सम्मान देने के उद्देश्य से उठाया गया है. करवा चौथ के दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु की कामना करते हुए व्रत रखती हैं, और यह छुट्टी उन्हें त्योहार से जुड़ी रस्में शांतिपूर्वक निभाने तथा परिवार के साथ समय बिताने का अवसर देगी.
त्योहार की तैयारियों में शहरों में जोश
करवा चौथ की झलक पहले ही बाजारों में दिखने लगी है. देहरादून में महिलाएं सुंदर पोशाक, ज्वेलरी और उपहारों की खरीदारी में व्यस्त पाई गईं. ब्यूटी सैलून, सौंदर्य केंद्र और कपड़े की दुकानों पर खास चहल-पहल रही. मेहंदी कलाकारों की दुकानों पर महिलाओं का आना-जाना जारी रहा. सर्राफा व्यापारी सुनील मैसोन ने बताया कि डायमंड ज्वेलरी की बिक्री में पिछले तीन दिनों में 20–30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है. सोने की बढ़ती कीमतों के बावजूद पुरुष अपने पत्नियों को झुमके, हार और कंगन जैसे विशेष तोहफे देने में पीछे नहीं रहे.
मेहंदी उद्द्योग में उछाल सौ प्रतिशत से भी अधिक वृद्धि
पलटन बाजार सहित देहरादून के अन्य इलाकों में मेहंदी लगाने का रौनक सा छा गया. सुबह से देर रात लोग मेहंदी केंद्रों पर कतार लगाए खड़े दिखे. मेहंदी कलाकार सुरेश के अनुसार, इस साल कारोबार में लगभग 200 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने बताया कि मेहंदी की कीमतें डिज़ाइन के अनुरूप ₹500 से ₹2,000 तक हो सकती हैं. कई ब्यूटी सैलून पहले से ही अग्रिम बुकिंग से भर चुके हैं. कुछ सैलून तो घर-घर जाकर मेहंदी और श्रृंगार संबंधी सेवाएँ देने का प्रस्ताव लेकर चलते दिखे.
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