देहरादून: उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद और लास्टक्लूज़ इंडिया ने राज्य के पर्यटन हितधारकों की दृश्यता बढ़ाने और उत्तराखंड के अनछुए रत्नों को वैश्विक मंच पर लाने के उद्देश्य से एक रणनीतिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस अवसर पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से अपर निदेशक श्री पूनम चंद तथा लास्टक्लूज इंडिया की ओर से उनके CEO भास्कर पंत द्वारा प्रतिनिधित्व किया गया.
इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को उत्तराखंड के दूरदराज क्षेत्रों में स्थानीय व्यंजन, कला, सांस्कृतिक परंपराओं और रोमांचक अनुभवों जैसी अनूठी एवं प्रामाणिक गतिविधियों से अवगत कराना है. लास्टक्लूज़ का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक राज्य के सभी पंजीकृत पर्यटन हितधारकों को पूर्ण रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए.
यह पहल एक AI-संचालित प्लेटफॉर्म द्वारा समर्थित होगी, जो सेवा प्रदाताओं को अपने उत्पार्दा और सेवाओं का प्रचार-प्रसार घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों तक आसानी से पहुंचाने में सक्षम बनाएगी. प्रत्येक हितधारक की प्रोफाइल में सेवाओं, स्थान, खाद्य विशेषताओं, सांस्कृतिक विरासत और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी होगी, जिससे यात्री सीधे प्रामाणिक स्थानीय अनुभवों से जुड़ सकेंगे.
इस अवसर पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद् (UTDB) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री धीरज सिंह गर्ज्याल (आईएएस) ने अवगत कराया कि "यह सहयोग भारतीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भी उत्तराखंड की अनदेखी सुंदरता को अनुभव करने के नए द्वार खोलेगा. हमारा लक्ष्य एक पारदर्शी, सुलभ और डिजिटलीकृत इकोसिस्टम बनाना है, जहां हर हितधारक चाहे वह होमस्टे हो या साहसिक गतिविधि संचालक - बढ़ती दृश्यता और पहुँच का लाभ उठा सके."
यह समझौता ज्ञापन उत्तराखंड के पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो स्थानीय सेवा प्रदाताओं को सशक्त करेगा और यात्रियों को पूरे राज्य में प्रामाणिक एवं अच्छी तरह से प्रलेखित अनुभव प्रदान करेगा.
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