खतरा अभी टला नहीं...धराली में तबाही का मंजर; अब तक 400 लोगों का हुआ रेस्क्यू

उत्तराखंड के धराली गांव में हालात बेहद भयावह हो चुके हैं. गंगोत्री धाम से करीब 20 किलोमीटर पहले स्थित यह गांव अब देश से पूरी तरह कट चुका है. बीते दिनों आए सैलाब ने गांव की शक्ल ही बदल दी है.

Uttrakhand cloudburst dharali rescue operation 400 people rescued till now
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उत्तराखंड के धराली गांव में हालात बेहद भयावह हो चुके हैं. गंगोत्री धाम से करीब 20 किलोमीटर पहले स्थित यह गांव अब देश से पूरी तरह कट चुका है. बीते दिनों आए सैलाब ने गांव की शक्ल ही बदल दी है. चारों ओर सिर्फ मलबा, पत्थर और टूटे हुए मकान नजर आ रहे हैं. राहत और बचाव कार्य तो जारी है, लेकिन खराब मौसम लगातार मुश्किलें बढ़ा रहा है.

धराली कभी हरे-भरे पेड़ों और शांति से भरे अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता था. लेकिन अब वहां सिर्फ तबाही का मंजर नजर आता है. विशेषज्ञों के अनुसार, इलाके में करीब 30 से 50 फीट तक मलबा जमा हो गया है. कुछ मकान पूरी तरह दब गए हैं, और जिनकी छतें दिखाई भी दे रही हैं, वे मलबे में जर्जर हालत में हैं.

रेस्क्यू के बीच मौसम बनी बड़ी बाधा

राहत कार्यों में जुटी SDRF, NDRF और सेना की संयुक्त टीमें हर मुमकिन कोशिश कर रही हैं. अब तक करीब 400 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है. सेना के 11 लापता जवान भी सुरक्षित पाए गए हैं. हेलीकॉप्टर के ज़रिए रेस्क्यू टीमों को धराली तक भेजा गया, लेकिन बार-बार बिगड़ता मौसम, ग्लेशियर फटना और नीचे आता मलबा राहत कार्यों में बड़ी अड़चन बन रहे हैं.

मलबे और पानी के बीच जूझती टीमें

रेस्क्यू टीमों के सामने दोहरी चुनौती है. एक तरफ खीर गंगा नदी का तेज बहाव, और दूसरी तरफ घुटनों तक दलदल बना मलबा. बचावकर्मियों को कई किलोमीटर पैदल पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरना पड़ा. कई जगहों पर गीली मिट्टी में फिसलन इतनी अधिक थी कि टिन की चादरें बिछाकर रास्ता बनाया गया ताकि लोगों को बाहर निकाला जा सके.

लापता पर्यटकों से नहीं हुआ संपर्क

आपदा के बाद कई पर्यटक दलों से संपर्क टूट गया है. केरल से आया 28 सदस्यों का एक दल अब भी लापता है. एक परिजन ने बताया कि “उन्होंने सुबह 8:30 बजे गंगोत्री के लिए रवाना होने की जानकारी दी थी, लेकिन उसके बाद से कोई संपर्क नहीं हो पाया.” वहीं महाराष्ट्र के जलगांव से आए 16 पर्यटकों का दल भी अब तक नहीं मिल पाया है. प्रशासन की ओर से लगातार खोजबीन जारी है.

लैंडस्लाइड ने बंद किए रास्ते

लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन से उत्तरकाशी और आस-पास के इलाकों में कई सड़कें पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी हैं. धराली पहुंचने के प्रमुख रास्ते भटवाड़ी, लिम्छा गाड़ और गंगनानी  तीनों ही जगहों पर मलबा जमा है और रास्ते पूरी तरह बंद हैं. भटवाड़ी से हर्षिल जाने वाला मार्ग भी टूट चुका है, जहां NDRF और SDRF की टीमें फंसी हुई हैं. घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए खड़ी एंबुलेंसें भी वहीं अटकी हैं.

गंगोत्री और बद्रीनाथ हाइवे पर भी आफत

गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग कई जगहों पर बाधित है. लिम्छा गाड़ के पास बना पुल तेज बहाव में बह गया है, जिससे धराली जा रही एक रेस्क्यू टीम रास्ते में ही फंस गई है. वहीं जोशीमठ के जोगीधारा क्षेत्र में चट्टान टूटने से बद्रीनाथ हाईवे पर यातायात ठप हो गया. गनीमत रही कि उस वक्त कोई वाहन वहां से नहीं गुजर रहा था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था. प्रशासन ने मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है और जल्द रास्ता खोलने का दावा किया है.

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