Uttrakhand: देवभूमि में जल प्रलय का खतरा बरकरार! अब तक कितने इलाकों को पहुंचाया नुकसान; पढ़ें अपडेट्स

Uttrakhand Cloudbrrust: उत्तराखंड में इस समय बादल नहीं, आफ़त बरस रही है. उत्तरकाशी के धराली गांव में आई भयानक तबाही ने न सिर्फ ज़मीन को हिला दिया, बल्कि वहां की ज़िंदगी भी थाम दी है.

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Uttrakhand Cloudbrrust: उत्तराखंड में इस समय बादल नहीं, आफ़त बरस रही है. उत्तरकाशी के धराली गांव में आई भयानक तबाही ने न सिर्फ ज़मीन को हिला दिया, बल्कि वहां की ज़िंदगी भी थाम दी है. चारों ओर मलबा, टूटी सड़कों और मदद के इंतज़ार में लोग, ये तस्वीरें बता रही हैं कि हालात कितने गंभीर हैं. हालांकि राहत की बात ये है कि सेना, ITBP, NDRF और SDRF जैसी एजेंसियां लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद ज़मीनी हालात की निगरानी के लिए दो दिन से वहां डटे हैं.

इसी बीच मौसम विभाग ने 6 अगस्त के लिए ज़िला स्तर का 'नाउकास्ट बुलेटिन' जारी किया है, जिसमें भारी से अति भारी बारिश, बिजली गिरने और भूस्खलन की चेतावनी दी गई है.

किन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा?

मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र के कुछ जिलों में तेज़ हवाओं और आकाशीय बिजली के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है. इन क्षेत्रों को 'रेड अलर्ट' पर रखा गया है.

पिछले 24 घंटे में कहां-कितनी बारिश हुई?

बीते 24 घंटों में कई इलाकों में रिकॉर्डतोड़ बारिश हुई, जो आपदा की ओर इशारा करती है. कुछ मुख्य स्थानों पर दर्ज बारिश (मिलीमीटर में):

मालदेवता: 174.0 mm

बाजपुर: 166.0 mm

नरेंद्र नगर: 148.5 mm

गनई गंगोली: 147.0 mm

काशीपुर: 143.5 mm

जसपुर: 127.0 mm

बागेश्वर: 120.0 mm

सहस्त्रधारा: 116.0 mm

जोलीग्रांट: 105.0 mm

नैनीताल: 83.0 mm

पौड़ी: 73.0 mm

देहरादून: 48.0 mm

174.0 मिमी बारिश का मतलब क्या होता है?

विशेषज्ञों के अनुसार, एक ही दिन में 174.0 मिमी बारिश होना "अत्यधिक भारी वर्षा (Extremely Heavy Rainfall)" की श्रेणी में आता है. इसका मतलब है, भूस्खलन, बाढ़, सड़कें बंद, निर्माणाधीन भवनों को नुकसान और नदियों का उफान. खासतौर पर पहाड़ी और नदी किनारे बसे इलाकों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो सकती है.

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार वर्षा की श्रेणियां:

64.5–115.5 mm – भारी वर्षा (Heavy Rainfall)

115.6–204.4 mm – अत्यधिक वर्षा (Very Heavy Rainfall)

204.5 mm या अधिक – अत्यंत भारी वर्षा (Extremely Heavy Rainfall)

क्या करें और क्या न करें?

पक्के मकानों में शरण लें, खुले में न जाएं
बिजली कड़कने के समय पेड़ों के नीचे खड़ा न हों
नदियों और भूस्खलन वाले क्षेत्रों से दूर रहें
यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लें
वाहन चलाते समय सतर्क रहें, खासकर घाटी और पहाड़ी सड़कों पर
खेतों में फसल को बचाने के लिए तात्कालिक उपाय करें

सरकारी एजेंसियां अलर्ट पर

राज्य सरकार का आपदा प्रबंधन विभाग, SDRF, NDRF और स्थानीय प्रशासन चौकन्ना और सक्रिय हैं. संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और आम लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से संपर्क करें.

आपदा नियंत्रण कक्ष हेल्पलाइन: 1070 (इस नंबर पर आप मदद मांग सकते हैं या जरूरी सूचना दे सकते हैं)

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