देहरादून: तेजी से डिजिटल हो रही दुनिया में जहां साइबर ठगी के मामले हर दिन बढ़ते जा रहे हैं, वहीं उत्तराखंड पुलिस ने अपने शानदार प्रदर्शन से न सिर्फ राज्य बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया है. 2023-24 में साइबर अपराध से जुड़े सैकड़ों मामलों को सुलझाकर, उत्तराखंड साइबर पुलिस ने यह साबित कर दिया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और तकनीकी दक्षता के बल पर साइबर ठगों को शिकस्त दी जा सकती है.
पीड़ितों को वापस दिलाए 47 करोड़ रुपये
उत्तराखंड पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के सहयोग से अब तक ₹47.02 करोड़ से ज्यादा की ठगी गई रकम पीड़ितों को वापस दिलाने में सफलता हासिल की है. यह आंकड़ा राष्ट्रीय स्तर पर एक उल्लेखनीय उपलब्धि है, जो उत्तराखंड को देश के साइबर अपराध से लड़ने वाले अग्रणी राज्यों की श्रेणी में ला खड़ा करता है.
500 से ज्यादा साइबर अपराधी गिरफ्तार
पुलिस महानिरीक्षक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) नीलेश आनंद भरणे ने जानकारी दी कि अब तक 500 से अधिक साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. साथ ही सैकड़ों फर्जी वेबसाइटें, सोशल मीडिया अकाउंट्स और बैंक खाते भी ब्लॉक किए गए हैं. यह सब संभव हुआ है उत्तराखंड पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियानों ‘ऑपरेशन प्रहार’ और ‘ऑपरेशन हेली’ के चलते, जिनके तहत देशभर में व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई.
देहरादून साइबर थाना और उधम सिंह नगर पुलिस ने मिलकर 2023-24 में 20 से अधिक राज्य और अंतरराज्यीय साइबर ठगी के मामलों को सुलझाया है. इन मामलों में फेक ट्रेडिंग ऐप्स, फिशिंग लिंक, OTP फ्रॉड और UPI ठगी जैसे जटिल अपराध शामिल रहे. पुलिस ने बिहार, झारखंड, दिल्ली-एनसीआर से जुड़े कई शातिर अपराधियों को पकड़ने में सफलता हासिल की.
चार्जशीटिंग और दोषसिद्धि दर में जबरदस्त सुधार
एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) के अनुसार, साइबर अपराध के मामलों में चार्जशीट फाइल करने की दर 87% तक पहुंच चुकी है, जबकि दोषसिद्धि दर 64.7% है — जो कि राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर है. यह दर्शाता है कि उत्तराखंड पुलिस सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि कानूनी प्रक्रिया को पूरी गंभीरता से अंजाम दे रही है.
अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़
उत्तराखंड पुलिस की सतर्कता का ही नतीजा है कि महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एक अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया गया. वहां से सिम बॉक्स और 12 लोकल कॉल सेंटर जब्त किए गए. यह एक बड़ा ऑपरेशन था, जिसने साइबर फ्रॉड के एक बड़े नेटवर्क को उजागर किया.
DSCI ने उत्तराखंड को देश की शीर्ष साइबर पुलिस इकाइयों में रखा
डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (DSCI) ने 2024 में उत्तराखंड साइबर पुलिस को भारत की शीर्ष तीन इकाइयों में शामिल किया है. यह मान्यता इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड ने न केवल साइबर अपराध पर लगाम लगाई है, बल्कि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए इसे जड़ से खत्म करने की दिशा में ठोस काम भी किया है.
पुलिस महानिरीक्षक नीलेश आनंद भरणे ने जानकारी दी कि बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए अक्टूबर माह को ‘साइबर जागरूकता माह’ घोषित किया जाएगा. इस दौरान आम लोगों को साइबर सुरक्षा से जुड़े खतरों और सतर्कता के उपायों के बारे में जागरूक किया जाएगा.
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