Shamli Conversion Case: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में कथित धर्मांतरण और साजिश से जुड़ा एक मामला सामने आने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं. एक दवा कारोबारी की शिकायत के आधार पर दर्ज मामले में पुलिस ने महिला जिम ट्रेनर और उसके पिता को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. वहीं, इस मामले में कई अन्य लोगों को भी नामजद किया गया है.
पुलिस के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है. फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है और पूरे प्रकरण की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है.
शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला
सदर कोतवाली क्षेत्र के दयानंद नगर निवासी देवराज मलिक, जो स्थानीय केमिस्ट एसोसिएशन से जुड़े हैं, ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके 27 वर्षीय बेटे आयुष मलिक को योजनाबद्ध तरीके से एक महिला के संपर्क में लाकर प्रभावित किया गया.
शिकायत के अनुसार, आयुष ने बी-फार्मा की पढ़ाई के बाद अपना मेडिकल स्टोर शुरू किया था. बताया गया कि कुछ वर्ष पहले वह फिटनेस के लिए एक स्थानीय जिम जाने लगा, जहां उसकी मुलाकात महिला ट्रेनर से हुई. परिवार का आरोप है कि इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया.
पहचान और रहन-सहन में बदलाव का दावा
परिजनों का कहना है कि पिछले कुछ समय में आयुष के रहन-सहन और पहनावे में काफी बदलाव देखने को मिला. परिवार के मुताबिक, उसने अपना लुक बदला और धार्मिक गतिविधियों में भी भाग लेने लगा.
सोशल मीडिया पर उसकी कुछ तस्वीरें भी सामने आईं, जिनके बाद यह मामला चर्चा में आया. परिजनों ने आरोप लगाया कि उसका नाम भी बदला गया था, हालांकि इन दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
दो गिरफ्तार, कई अन्य आरोपियों की तलाश
पुलिस ने शिकायत के आधार पर महिला जिम ट्रेनर और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा तीन मौलवियों समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.
SIT करेगी पूरे मामले की जांच
शामली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष जांच दल का गठन किया गया है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका रही है. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच के बाद ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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