लखनऊ: उत्तर प्रदेश एक बार फिर से पर्यटकों के आगमन के मामले में देश में पहले स्थान पर आ गया है. राज्य में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन का बढ़ता आकर्षण इसे देश के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में से एक बना रहा है. इस साल 2025 तक उत्तर प्रदेश में 137 करोड़ से ज्यादा घरेलू पर्यटकों का आगमन हुआ है, जिसमें 3.66 लाख विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं. यह वृद्धि राज्य की पर्यटन नीति और धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण की दिशा में किए गए प्रयासों का स्पष्ट परिणाम है.
धार्मिक पर्यटन की लोकप्रियता में उछाल
प्रयागराज महाकुंभ के दौरान देश-विदेश से 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने शिरकत की, जिसने उत्तर प्रदेश को लगातार चौथे वर्ष घरेलू पर्यटकों के मामले में पहले स्थान पर रखा. महाकुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के अलावा, उत्तर प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थल जैसे वाराणसी, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन आदि पर भी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है. सरकार का ध्यान इन धार्मिक स्थलों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने और पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बनाने पर है.
धार्मिक स्थलों के विकास के लिए नई योजनाएं
इस वर्ष उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यटन के विकास के लिए 1283.33 करोड़ रुपये की योजनाओं की शुरुआत की है. इन योजनाओं में वाराणसी के घाटों का सौंदर्यीकरण, एकीकृत सर्किट हाउस और कन्वेंशन सेंटर का निर्माण, चित्रकूट में कालिंजर एकीकृत मार्ग का निर्माण और राम वन गमन मार्ग पर पर्यटक सुविधा केंद्रों का विकास प्रमुख हैं. इसके अलावा, मुरादाबाद, शाहजहांपुर और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का पुनर्निर्माण भी जारी है, जिससे आने वाले समय में पर्यटकों के लिए इन स्थानों की अपील और बढ़ेगी.
उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022: एक नई दिशा
उत्तर प्रदेश सरकार की पर्यटन नीति-2022 के तहत राज्य के पर्यटन विभाग ने पोर्टल पर 1757 पर्यटन इकाइयों का पंजीकरण किया है. इसके साथ ही 37,688.58 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो आने वाले समय में पर्यटन क्षेत्र में बड़े बदलाव का संकेत हैं. इस निवेश के अमल में आने के बाद उत्तर प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में और भी सशक्त स्थिति में उभरेगा.
संवर्धित पर्यटन: राज्य का भविष्य
राज्य की योजनाओं और निवेशों से साफ है कि उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में पर्यटन के क्षेत्र में और अधिक वृद्धि करेगा. धार्मिक स्थलों का पुनर्निर्माण, नई परियोजनाओं का विकास और विदेशी पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं, इन सभी प्रयासों का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को भारत और दुनिया के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल करना है. 2025 में अब तक 137 करोड़ से ज्यादा पर्यटकों की यात्रा इस बात का सबूत है कि राज्य की पर्यटन नीति सही दिशा में जा रही है और भविष्य में यह और भी समृद्ध होने की संभावना है.
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