लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए साल से पहले प्रदेश की जनता के लिए एक विशेष पत्र 'योगी की पाती' साझा किया है. इस पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को एक वैश्विक तकनीकी और नवाचार का केंद्र बनाने का संकल्प दोहराया है. साथ ही, उन्होंने राज्य सरकार के आगामी योजनाओं को लेकर विस्तार से बताया है, जिनका मुख्य ध्यान भविष्य की प्रौद्योगिकियों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर पर केंद्रित होगा.
AI और सेमीकंडक्टर पर फोकस
मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख शहरों—लखनऊ और नोएडा को 'AI सिटी' के रूप में विकसित किया जाएगा. इस कदम का उद्देश्य राज्य को वैश्विक IT मानचित्र पर सबसे आगे लाना है. इसके अलावा, जेवर में 3700 करोड़ रुपये की लागत से एक सेमीकंडक्टर यूनिट का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जिससे राज्य के औद्योगिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आएगा.
डेटा सेंटर नीति: निवेशकों का विश्वास बढ़ा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि राज्य सरकार की सुरक्षित डेटा सेंटर नीति के चलते प्रदेश में निवेशकों का विश्वास बढ़ा है. इस नीति के तहत, उत्तर प्रदेश में 30,000 करोड़ रुपये का निवेश डेटा सेंटर क्षेत्र में आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है. वर्तमान में, 5 हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क का व्यावसायिक उपयोग भी शुरू हो चुका है, और प्रदेश के 9 अन्य शहरों में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क स्थापित किए गए हैं, जो स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर खोल रहे हैं.
10 लाख नागरिकों को मिलेगा प्रशिक्षण
योगी सरकार ने तकनीकी शिक्षा को आम जनता तक पहुंचाने के लिए 'AI प्रज्ञा' कार्यक्रम की शुरुआत की है. इसके तहत, 10 लाख नागरिकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रशिक्षण दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को केवल तकनीक का उपयोग करने के लिए नहीं, बल्कि उसमें दक्ष बनाने का है. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश ड्रोन, रोबोटिक्स और मोबाइल उत्पादन के क्षेत्रों में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है.
युवाओं से अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं से एक विशेष संकल्प लेने की अपील की है. उन्होंने कहा कि युवा अपने आसपास के कम से कम 5 बच्चों को कंप्यूटर और AI के बारे में जागरूक करें और सप्ताह में एक घंटा ज्ञानदान करने का संकल्प लें. मुख्यमंत्री का मानना है कि यदि सरकार और जनता मिलकर काम करें, तो उत्तर प्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी का वैश्विक केंद्र बन सकता है.
मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों,
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 30, 2025
यह आंग्ल वर्ष 2026 में प्रवेश का समय है। 2025 का वर्ष टेक्नोलॉजी, एआई व डेटा में नवाचार के नए मापदंड स्थापित करने के लिए स्मरण किया जाएगा। उत्तर प्रदेश भविष्योन्मुखी विकास के नए मानक गढ़ रहा है।
प्रदेश में सुशासन के राज ने विश्व भर में 'ब्रांड… pic.twitter.com/MHqVm5B2bn
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