Ram Mandir: 2500 साल में आने वाले भूकंप में भी टस से मस नहीं होगा राम मंदिर, साइंटिस्ट ने किया बड़ा दावा

Ram Mandir: 2500 साल में आने वाले भूकंप में भी टस से मस नहीं होगा राम मंदिर, साइंटिस्ट ने किया बड़ा दावा

अयोध्या, भारत 24 डिजिटल डेस्क: अयोध्या में रामलला के दर्शन (Ayodhya Ram Mandir) के लिए भारी भीड़ देखी जा रही है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान राम के दर्शन के लिए आ रहे हैं. राम मंदिर न सिर्फ भव्यता बल्कि तकनीक के मामले में भी अव्वल है. रूड़की स्थित सीएसआईआर की सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (CSIR-CBRI) के वैज्ञानिकों ने कहा है कि यह मंदिर ऐसे तीव्र भूकंप (Earthquake) को भी संभाल सकता है, जो 2500 साल में एकाध बार ही आते हैं. 

मंदिर की स्टडी के बाद खुलासा

वैज्ञानिकों ने मंदिर की इमारत, परिसर, जियोफिजिकल कैरेक्टराइजेशन, जियोटेक्निकल एनालिसिस, फाउंडेशन की डिजाइन और थ्रीडी स्ट्रक्चर की स्टडी करने के बाद इस बात का खुलासा किया है.  CSIR-CBRI के सीनियर साइंटिस्ट देबदत्त घोष (Debdutt Ghosh) ने ये भी कहा कि यह मंदिर अधिकतम 8.0 रिक्टर की तीव्रता वाले भूकंप को भी संभाल सकता है. उन्होंने कहा कि  2500 साल में एकाध बार आने वाले भूकंप  से भी बचा जा सकता है. 

इन संस्थानों की तकनीक से बना मंदिर

राम मंदिर को बनाने में सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टिट्यूशन रुड़की और जियोफिजिकल स्टडी रिसर्च लैब हैदराबाद के इंजीनियर्स ने काफी मदद की है. मंदिर में लगने वाले ग्रेनाइट पत्थरों को अच्छी तरह फिट करने के लिए इनमें होल्स बनाए गए हैं. इसका सुझाव CBRI रुड़की और हैदराबाद के इंजीनियरों ने दिया है. वहीं, भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर के डॉक्टर राम मनोहर लोहिया ने अवध विश्वविद्यालय में जियो स्टेशन स्थापित किया है. इस टेक्नोलॉजी के जरिए  24 घंटे पहले ही भूंकप आने की सूचना मिल जाएगी.