Kal Ka Mausam 25 October: देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. जहां दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार में फिलहाल मौसम शुष्क रहने की संभावना है, वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है. इस बीच बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसमी सिस्टम भी चिंता बढ़ा रहा है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, यह सिस्टम अगले कुछ दिनों में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है, जिसका असर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में देखने को मिल सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को देशभर में मौसम कैसा रहने वाला है.
बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान की आहट
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, इसके 25 अक्टूबर तक गहरे दबाव में बदलने और 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान का रूप लेने की संभावना है. इसके बाद यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए आंध्र प्रदेश के उत्तरी तट और दक्षिणी ओडिशा के आसपास के इलाकों को प्रभावित कर सकता है.
मौसम में इस बदलाव के कारण तटीय क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की आशंका है. पूर्वानुमान के मुताबिक, 27 और 28 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है. वहीं, ओडिशा में 27 से 29 अक्टूबर के बीच भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जाती है.
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली-एनसीआर में 25 अक्टूबर को मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है. बारिश की संभावना कम होने के बीच तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस होने लगी है, जबकि दिन में धूप के कारण गर्मी का एहसास बना रह सकता है.
मौसम में बदलाव के साथ राजधानी और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण भी चिंता का विषय बना हुआ है. ऐसे में लोगों को मौसम के साथ-साथ एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) पर भी नजर रखनी चाहिए. खासकर सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे लोगों को प्रदूषण बढ़ने पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है.
उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश होगी या नहीं?
उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के लिए फिलहाल बारिश को लेकर कोई बड़ी चेतावनी सामने नहीं है. दोनों राज्यों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है. मानसून की विदाई के बाद अब तापमान में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल रहा है और सुबह-शाम मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस हो सकता है. हालांकि, अलग-अलग जिलों में तापमान और स्थानीय मौसम की स्थिति में अंतर संभव है. ऐसे में अगर आप रविवार को यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो अपने जिले का ताजा मौसम पूर्वानुमान जरूर देख लें.
राजस्थान में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश के आसार
राजस्थान के कुछ हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग रह सकता है. पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर संभाग और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं. राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है. हालांकि, स्थानीय परिस्थितियों के कारण कुछ क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है.
पश्चिम बंगाल में भी बढ़ सकती है बारिश की गतिविधियां
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी सिस्टम का असर पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में भी देखने को मिल सकता है. मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 अक्टूबर से राज्य के तटीय और पश्चिमी जिलों में भारी बारिश की आशंका है. दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर के अलावा पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया और बांकुड़ा जैसे जिलों में भी बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं. हालांकि, बारिश का वास्तविक असर सिस्टम की दिशा, उसकी तीव्रता और अगले कुछ दिनों में होने वाले बदलावों पर निर्भर करेगा. इसलिए लोगों को IMD के ताजा अपडेट और स्थानीय प्रशासन की सलाह पर ध्यान देना चाहिए.
दक्षिण भारत के इन राज्यों में बारिश का अलर्ट
दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में बारिश को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है. कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है, जबकि आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में आने वाले दिनों में चक्रवाती सिस्टम के कारण मौसम ज्यादा खराब होने की आशंका है.
कुल मिलाकर, 25 अक्टूबर को देश के अधिकांश उत्तरी हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन दक्षिण भारत और बंगाल की खाड़ी से सटे तटीय इलाकों में बारिश का असर बढ़ सकता है. खासकर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के लिए अगले कुछ दिन महत्वपूर्ण रहने वाले हैं. मौसम संबंधी किसी भी बड़े बदलाव के लिए IMD की आधिकारिक चेतावनियों को प्राथमिकता दें.
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