नई दिल्ली: भारतीय सेना ने भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी नई रणनीति पेश की है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को ‘लैंड वारफेयर डॉक्ट्रिन 2026’ जारी किया. इसमें ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है. नई योजना के तहत सेना के करीब 12 लाख जवानों के लिए ड्रोन चलाने के कौशल को अहम बनाने और अधिकारियों को फैसले लेने में AI का इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग देने की तैयारी है.
यह नया सिद्धांत युद्ध के बदलते तरीके को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. अब युद्ध के मैदान में ड्रोन, बिना इंसान के चलने वाली मशीनें, लगातार निगरानी, संचार में रुकावट और सूचनाओं से जुड़ी लड़ाई की भूमिका बढ़ रही है.
अगले 20-30 साल की रणनीति पर जोर
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि उन्होंने अगले 20 से 30 वर्षों को ध्यान में रखकर लंबी अवधि की रणनीति तैयार करने की जरूरत पर जोर दिया है. उन्होंने सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि वे मौजूदा चुनौतियों के साथ भविष्य में सामने आने वाले खतरों से निपटने के लिए भी तैयार रहें.
संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में योगदान देने वाले जवानों का सम्मान
राजनाथ सिंह ने संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले भारतीय सेना के जवानों को भी सम्मानित किया. इन जवानों को उनकी बेहतर सेवा, पेशेवर काम और अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा बनाए रखने में योगदान के लिए सम्मान दिया गया.
ड्रोन और AI समेत आधुनिक तकनीक पर फोकस
रक्षा मंत्री ने सेना में बदलाव और पुनर्गठन से जुड़े प्रयासों की भी समीक्षा की. इस दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वचालित प्रणालियों, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा और सुरक्षित संचार नेटवर्क जैसी तकनीकों पर काम तेज करने की जरूरत बताई गई.
राजनाथ सिंह ने कहा कि युद्ध के तरीके बदल रहे हैं और हवा, समुद्र व साइबर क्षेत्र में चुनौतियां बढ़ रही हैं. इसके बावजूद जमीनी युद्ध और थल सेना की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण बनी रहेगी. नए सिद्धांत का मकसद सेना को आधुनिक तकनीक से लैस कर भविष्य के युद्धों के लिए तैयार करना है.