प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार, 25 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश और ओडिशा के दौरे पर रहेंगे. इस दौरान काशी में गंगा के ऊपर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों का रोमांचक एयर शो देखने को मिलेगा, वहीं भुवनेश्वर में देश की वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने वाले नए संस्थानों की शुरुआत होगी. पीएम मोदी वाराणसी में नई गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग फैक्टरी का उद्घाटन भी करेंगे. उनके इस दौरे में रोजगार, रक्षा क्षमता और डिजिटल सुरक्षा से जुड़ी अहम पहलें शामिल रहेंगी.
काशी में गंगा के ऊपर दिखेगा वायुसेना का दम
प्रधानमंत्री सुबह करीब 11 बजे वाराणसी में अरविंद लिमिटेड की नई गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग फैक्टरी का उद्घाटन करेंगे. इसके बाद दोपहर करीब एक बजे वह नमो घाट पर आयोजित भारतीय वायुसेना के एयर शो 'विंग्स ओवर गंगा' में शामिल होंगे. वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में होने वाले इस कार्यक्रम में तेजस, राफेल, सुखोई-30 एमकेआई और एलसीएच प्रचंड जैसे विमान अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे. इसके अलावा सूर्य किरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम भी अपने हवाई करतब दिखाएंगी. भारतीय थलसेना और नौसेना के विमान भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे.
वाराणसी की फैक्टरी से रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
वाराणसी में शुरू होने वाली नई गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग फैक्टरी से पूर्वी उत्तर प्रदेश में कपड़ा और परिधान उद्योग को मजबूती मिलने की उम्मीद है. इस इकाई में आधुनिक विनिर्माण तकनीकों के जरिए कपड़े तैयार किए जाएंगे, जिन्हें वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की योजना है. परियोजना से खास तौर पर महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं. स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ यह पहल वाराणसी को परिधान निर्माण के एक अहम केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
भुवनेश्वर में RBI के डेटा सेंटर का करेंगे उद्घाटन
वाराणसी में कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर पहुंचेंगे. यहां शाम करीब 4:45 बजे वह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन करेंगे. इस परियोजना पर 169 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. डेटा सेंटर में डिजिटल भुगतान और वित्तीय लेनदेन से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रणालियों को संचालित करने में मदद मिलेगी. वहीं, साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान में बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र से जुड़ी आधुनिक तकनीकों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग पर प्रशिक्षण व शोध किया जाएगा. इन सुविधाओं से वित्तीय डेटा की सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं की विश्वसनीयता मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है.
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