Shehzad Poonawalla: शहजाद पूनावाला ने BJP से दिया इस्तीफा, PM मोदी-शाह समेत वरिष्ठ नेताओं का जताया

Shehzad Poonawalla Resigns: बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने नितिन नबीन को पत्र लिखकर राष्ट्रीय प्रवक्ता पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया, कहा- पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहा हूं, लेकिन पीएम मोदी के विचार और नेतृत्व का समर्थन करता रहूंगा.

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Shehzad Poonawalla Resigns: बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी के साथ अपने करीब पांच साल के राजनीतिक सफर को औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया है. उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को पत्र लिखकर राष्ट्रीय प्रवक्ता पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की जानकारी दी. लंबे समय से उनके बीजेपी छोड़ने की अटकलें चल रही थीं, लेकिन अब उन्होंने अपने फैसले पर अंतिम मुहर लगा दी है.

पूनावाला ने अपने इस्तीफे में स्पष्ट किया कि यह फैसला उन्होंने काफी विचार-विमर्श और गंभीर आत्ममंथन के बाद लिया है. हालांकि, पार्टी छोड़ने के बावजूद उन्होंने बीजेपी की विचारधारा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के प्रति अपना समर्थन जारी रखने की बात कही है. उनके पत्र की यह पंक्ति खास तौर पर चर्चा में है कि वह “पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहे हैं, लेकिन विचार और व्यक्ति नहीं.”

पहले भी दे चुके थे इस्तीफे की पेशकश

शहजाद पूनावाला ने अपने पत्र में बताया कि उन्होंने इससे पहले 30 जुलाई 2026 को आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों का हवाला देते हुए बीजेपी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की पेशकश की थी. हालांकि, पार्टी ने उस समय उनके इस्तीफे को तत्काल स्वीकार नहीं किया था और उनसे अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था. पूनावाला के मुताबिक, पार्टी की ओर से मिले इस अनुरोध के बाद उन्होंने अपने फैसले पर दोबारा विचार किया. लेकिन पिछले कुछ दिनों में सामने आई घटनाओं और उन परिस्थितियों को लेकर हुए गंभीर विचार-विमर्श के बाद उन्होंने अपने पुराने फैसले पर कायम रहने का निर्णय लिया.

‘मैंने अंतिम निर्णय लिया है’- शहजाद पूनावाला

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन को लिखे पत्र में पूनावाला ने कहा कि वह अब राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से मुक्त होना चाहते हैं और पार्टी की सक्रिय प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ रहे हैं. उन्होंने अपने फैसले को अंतिम बताते हुए कहा कि बीते दिनों की घटनाओं ने उन्हें अपने पूर्व निर्णय पर दृढ़ रहने के लिए मजबूर किया. उनके इस्तीफे के बाद बीजेपी के भीतर भी उनके फैसले को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है. राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर पूनावाला लंबे समय से पार्टी का पक्ष सार्वजनिक मंचों और मीडिया बहसों में मजबूती से रखते रहे हैं. ऐसे में उनका पार्टी से अलग होना राजनीतिक गलियारों में अहम घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है.

पीएम मोदी, अमित शाह समेत वरिष्ठ नेताओं का जताया आभार

अपने इस्तीफे के पत्र में शहजाद पूनावाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संगठन महामंत्री बीएल संतोष समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का आभार जताया. उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों के दौरान पार्टी ने उन्हें जो मंच और अवसर दिए, उसके लिए वह वरिष्ठ नेताओं के प्रति कृतज्ञ हैं. उनके पत्र का स्वर आरोपों से अधिक आभार और सम्मान वाला रहा. उन्होंने साफ किया कि पार्टी से अलग होने का फैसला किसी व्यक्तिगत कटुता के कारण नहीं, बल्कि मौजूदा परिस्थितियों और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.

आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों का दिया हवाला

पूनावाला ने अपने इस्तीफे के पीछे आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों को प्रमुख वजह बताया है. उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के चलते अब वह निजी क्षेत्र में जाने का फैसला कर रहे हैं. उनका अगला कदम राजनीति से अलग निजी क्षेत्र में करियर बनाने की दिशा में होगा. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निजी क्षेत्र में जाने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के दृष्टिकोण तथा उनके कार्यों के प्रति जहां संभव होगा, अपना समर्थन जारी रखेंगे. इस तरह उन्होंने अपने राजनीतिक पद से दूरी बनाने और अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता के बीच अंतर भी साफ कर दिया है.

‘व्यवस्था छोड़ रहा हूं, विचार और व्यक्ति नहीं’- शहजाद पूनावाला

शहजाद पूनावाला के इस्तीफे की सबसे ज्यादा चर्चा उनकी उस टिप्पणी को लेकर हो रही है, जिसमें उन्होंने कहा कि वह पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहे हैं, लेकिन विचार और व्यक्ति नहीं. इस बयान के जरिए उन्होंने संकेत दिया कि बीजेपी की संगठनात्मक भूमिका से अलग होने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और पार्टी की विचारधारा के प्रति उनका नजरिया नहीं बदला है. उनका यह रुख उनके इस्तीफे को सामान्य राजनीतिक दल-बदल से अलग बनाता है. उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी के कामकाज के प्रति समर्थन बनाए रखने की बात कही है.

अब निजी क्षेत्र में बनाएंगे नया रास्ता

बीजेपी से इस्तीफा देने के बाद शहजाद पूनावाला अब निजी क्षेत्र में नई भूमिका तलाशेंगे. उन्होंने अपने पत्र में कहा कि आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण उनका निजी क्षेत्र में प्रवेश करना जरूरी है. हालांकि, उन्होंने भविष्य में किस क्षेत्र या संस्था के साथ काम करेंगे, इसकी विस्तृत जानकारी नहीं दी है.

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