अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में एक विशेष सैन्य अभियान के दौरान कुख्यात आपराधिक संगठन 'ट्रेन डी अरागुआ' के प्रमुख हेक्टर रस्टेनफोर्ड गुरेरो फ्लोरेस, जिसे नीनो गुरेरो के नाम से जाना जाता है, को मार गिराया है. ट्रंप ने यह जानकारी अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर साझा की.
ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी दक्षिणी कमान द्वारा संचालित इस तेज और लक्षित अभियान में नीनो गुरेरो को निशाना बनाया गया. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई वेनेजुएला सरकार के सहयोग से की गई. हालांकि, इस दावे की अभी तक व्हाइट हाउस, पेंटागन या अमेरिकी दक्षिणी कमान की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
ट्रंप ने साझा किया हमले का वीडियो
अपने पोस्ट के साथ ट्रंप ने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें एक इमारत पर हमला होते और उसके बाद आग लगते हुए देखा जा सकता है. ट्रंप ने कहा कि ट्रेन डी अरागुआ से जुड़े अपराधियों के लिए अब वेनेजुएला या दुनिया के किसी भी हिस्से में सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है. उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका ऐसे अपराधियों और मादक पदार्थों के तस्करों को दुनिया के किसी भी कोने से ढूंढ़ने की क्षमता रखता है.
Footage shared by President Donald Trump captures the precise moment U.S. forces delivered a lethal strike, eliminating Héctor Rusthenford Guerrero Flores alias “Niño Guerrero”, the leader of the Tren de Aragua narco-terrorist organization.
— Cartel Watch (@CartelWatchNet) June 13, 2026
In the dramatic video, a U.S.… pic.twitter.com/c4sqdQobrL
अमेरिका में आतंकी संगठन घोषित
अमेरिका पहले ही ट्रेन डी अरागुआ को एक आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध कर चुका है. नीनो गुरेरो के खिलाफ न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत में कई गंभीर मामले दर्ज थे. उस पर आपराधिक षड्यंत्र, नशीले पदार्थों की तस्करी, हिंसक अपराध, जबरन वसूली और आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देने जैसे आरोप लगाए गए थे.
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस संगठन का नेटवर्क केवल वेनेजुएला तक सीमित नहीं था, बल्कि उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और यूरोप के कई हिस्सों तक फैला हुआ था.
50 लाख डॉलर का इनाम था घोषित
अमेरिकी विदेश विभाग ने नीनो गुरेरो की गिरफ्तारी या उसके बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए 50 लाख डॉलर (करीब 48 करोड़ रुपये) तक के इनाम की घोषणा की थी.
क्या है ट्रेन डी अरागुआ?
ट्रेन डी अरागुआ को वेनेजुएला का सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली आपराधिक गिरोह माना जाता है. इसकी शुरुआत अरागुआ राज्य स्थित टोकोरोन जेल से हुई थी. समय के साथ यह जेल-आधारित गिरोह एक अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क में बदल गया.
वेनेजुएला से बड़े पैमाने पर हुए पलायन के दौरान इस संगठन ने अपने नेटवर्क का विस्तार अन्य देशों तक कर लिया. इसके सदस्य कोलंबिया, पेरू और चिली सहित कई देशों में सक्रिय बताए जाते हैं. संगठन पर हत्या, अपहरण, मानव तस्करी, ड्रग तस्करी और उगाही जैसे गंभीर अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं.
2023 में हुआ था बड़ा ऑपरेशन
सितंबर 2023 में वेनेजुएला सरकार ने करीब 11,000 पुलिसकर्मियों और सैनिकों की मदद से टोकोरोन जेल में बड़े स्तर पर अभियान चलाया था. इस कार्रवाई में संगठन के प्रमुख ठिकाने को ध्वस्त कर दिया गया था, लेकिन कई शीर्ष सदस्य वहां से भागने में सफल रहे थे.
हालांकि मुख्य ठिकाने पर कार्रवाई के बावजूद इस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के सक्रिय होने की बात कही जाती है. ट्रंप और उनके सहयोगियों का आरोप है कि अमेरिका के कुछ शहरों में बढ़ती हिंसा और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के पीछे ट्रेन डी अरागुआ की भूमिका रही है.