US Midterm Election Results: अमेरिका के 2026 मिडटर्म चुनाव के नतीजों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी ने बहुमत हासिल कर लिया है. अब तक के नतीजों के मुताबिक, डेमोक्रेट्स 51 सीटों तक पहुंच गए हैं, जबकि चुनाव से पहले रिपब्लिकन के पास 53 सीटें थीं. इस बदलाव के बाद सीनेट पर रिपब्लिकन का नियंत्रण खत्म हो गया है.
टेक्सास, साउथ कैरोलिना और नॉर्थ कैरोलिना जैसे पारंपरिक रिपब्लिकन राज्यों में डेमोक्रेट्स की जीत ने चुनावी समीकरण बदल दिए हैं. वहीं, जॉर्जिया और न्यू हैम्पशायर में पार्टी अपनी सीटें बचाने में सफल रही. इन नतीजों को ट्रंप के राजनीतिक प्रभाव के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
सीनेट में बहुमत बदलने से ट्रंप की राह मुश्किल
अमेरिका में 3 नवंबर को मिडटर्म चुनाव के लिए मतदान हुआ था. सीनेट की 100 सीटों पर हुए मुकाबले में रिपब्लिकन पार्टी को कई अहम सीटों पर हार का सामना करना पड़ा. राष्ट्रपति ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान कई रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन किया था, लेकिन इसका पार्टी को फायदा नहीं मिला.
सीनेट में डेमोक्रेट्स के बहुमत के बाद ट्रंप प्रशासन के लिए कानून पास कराना और अपनी नीतियों को लागू करना पहले से कठिन हो सकता है. डेमोक्रेट्स अब सीनेट की समितियों का नेतृत्व कर सकेंगे और राष्ट्रपति की नियुक्तियों तथा प्रशासनिक फैसलों पर ज्यादा प्रभाव डाल पाएंगे.
टेक्सास में 1988 के बाद डेमोक्रेट्स की ऐतिहासिक जीत
टेक्सास में डेमोक्रेट उम्मीदवार जेम्स टैलेरिको ने रिपब्लिकन केन पैक्सटन को हराकर बड़ा उलटफेर किया. टेक्सास लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी का मजबूत गढ़ रहा है. यहां 1988 के बाद किसी डेमोक्रेट उम्मीदवार ने सीनेट चुनाव नहीं जीता था. टैलेरिको की जीत को राज्य की राजनीति में अहम बदलाव के रूप में देखा जा रहा है.
साउथ कैरोलिना में भी रिपब्लिकन को झटका
साउथ कैरोलिना में डेमोक्रेट उम्मीदवार एनी एंड्रयूज ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डार्लिन ग्राहम को शिकस्त दी. डार्लिन ग्राहम को ट्रंप का समर्थन हासिल था. पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ एंड्रयूज के पास पहले किसी निर्वाचित पद का अनुभव नहीं था.
इस राज्य में 1998 के बाद किसी डेमोक्रेट ने सीनेट चुनाव नहीं जीता था. ऐसे में यह जीत पार्टी के लिए खास महत्व रखती है.
नॉर्थ कैरोलिना में रॉय कूपर ने दर्ज की जीत
नॉर्थ कैरोलिना में राज्य के पूर्व गवर्नर और डेमोक्रेट उम्मीदवार रॉय कूपर ने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइकल व्हाटली को हराया. व्हाटली को ट्रंप का समर्थन प्राप्त था. इस राज्य में 2008 के बाद पहली बार किसी डेमोक्रेट ने सीनेट चुनाव जीता है. कूपर की जीत से डेमोक्रेट्स को बहुमत हासिल करने में मदद मिली.
जॉर्जिया और न्यू हैम्पशायर में डेमोक्रेट्स ने बचाई सीट
जॉर्जिया में मौजूदा डेमोक्रेट सीनेटर जॉन ओसॉफ ने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक कॉलिंस को हराकर अपनी सीट बरकरार रखी. गौरतलब है कि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में इस राज्य में ट्रंप को जीत मिली थी.
न्यू हैम्पशायर में डेमोक्रेट उम्मीदवार क्रिस पप्पास ने पूर्व रिपब्लिकन सीनेटर जॉन सुनुनू को मात दी. पप्पास इस सीट से जीतने वाले पहले खुले तौर पर समलैंगिक पुरुष होंगे. इसके अलावा वर्जीनिया, डेलावेयर, न्यू जर्सी, रोड आइलैंड और मैसाचुसेट्स में भी डेमोक्रेट्स ने अपनी सीटें बचाईं.
अर्थव्यवस्था और महंगाई बने चुनाव के अहम मुद्दे
चुनाव प्रचार के दौरान महंगाई और रोजमर्रा की बढ़ती लागत प्रमुख मुद्दे रहे. डेमोक्रेट्स ने इन मुद्दों को लेकर मतदाताओं के बीच अभियान चलाया और उन राज्यों में भी समर्थन हासिल किया, जहां 2024 में ट्रंप ने जीत दर्ज की थी.
सीनेट में बहुमत गंवाने के बाद ट्रंप को अपने बचे हुए कार्यकाल में कई राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. डेमोक्रेट्स को अब कानून बनाने, नियुक्तियों और प्रशासन की जांच से जुड़े मामलों में ज्यादा भूमिका मिलेगी.