US-Iran War: मध्य पूर्व में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर जहाज पर हुए हमले के बाद अमेरिका और ईरान आमने-सामने आ गए हैं. जहाज पर हमले के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर हवाई कार्रवाई की है. दोनों देशों ने हालिया सैन्य घटनाओं की पुष्टि की है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.
US Central Command (CENTCOM) forces launched a third round of strikes against Iran following an IRGC attack on a Cyprus-flagged container ship, M/V GFS Galaxy, in the Strait of Hormuz. One civilian crew member is reported missing, and the vessel has sustained heavy damage.… pic.twitter.com/vMiQNYMqiY
— ANI (@ANI) July 12, 2026
होर्मुज में जहाज पर हमले के बाद बढ़ा विवाद
रिपोर्टों के अनुसार, साइप्रस के ध्वज वाले कंटेनर जहाज M/V GFS Galaxy पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते समय हमला किया गया. आरोप है कि यह कार्रवाई ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से की गई. हमले में जहाज को भारी नुकसान पहुंचा, जबकि चालक दल का एक सदस्य लापता बताया जा रहा है. घटना के बाद समुद्री सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है.
अमेरिका ने शुरू किया जवाबी हमला
जहाज पर हुए हमले के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ नए सैन्य अभियान की घोषणा की. अमेरिकी सेना ने ईरान के कई इलाकों, जिनमें केश्म द्वीप सहित अन्य रणनीतिक स्थान शामिल बताए जा रहे हैं, पर हवाई हमले किए. बताया जा रहा है कि यह इस सप्ताह ईरान के खिलाफ अमेरिका की तीसरी सैन्य कार्रवाई है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान शीर्ष सैन्य नेतृत्व के निर्देश पर चलाया जा रहा है.
CENTCOM ने कार्रवाई की पुष्टि की
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में कंटेनर जहाज पर हुए हमले के बाद जवाबी कार्रवाई शुरू की गई है. बयान के अनुसार, इस ऑपरेशन का उद्देश्य क्षेत्र में अमेरिकी हितों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. CENTCOM ने यह भी बताया कि जहाज को गंभीर क्षति पहुंची है और चालक दल का एक सदस्य अभी भी लापता है.
ईरान ने फिर दी होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की चेतावनी
ताजा घटनाक्रम के बीच ईरान ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी दी है. यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है. यदि यहां आवाजाही प्रभावित होती है तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है.
दुनिया की बढ़ी चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते सैन्य टकराव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल सकता है.
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