US Iran Conflict: US की कार्रवाई का ईरान ने लिया बदला, दो अमेरिकी जहाजों समेत 8 टैंकरों को बनाया निशाना

US Iran Conflict: अमेरिका की कार्रवाई के बाद ईरान ने फारस की खाड़ी में जवाबी हमला तेज कर दिया है. ईरानी हमले में दो अमेरिकी जहाजों समेत 8 तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है.

us-iran-tensions-escalate-after-oil-tanker-attacks
Image Source: Internet

US Iran Conflict: मिडिल-ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है. अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने जवाबी हमले का दावा किया है. ईरानी मीडिया के मुताबिक, आईआरजीसी नेवी ने फारस की खाड़ी में कई जहाजों को निशाना बनाया, जिनमें दो अमेरिकी जहाज भी शामिल थे. इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट के आसपास भी कई जहाजों पर हमले किए गए.

तेहरान की ओर से जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर भी मिसाइलें दागे जाने की बात कही गई है. जॉर्डन ने बताया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने 20 में से 18 मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया. इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में सैन्य तनाव और बढ़ गया है.

ईरान ने पहले ही दी थी कार्रवाई की चेतावनी

ईरान की ओर से यह कार्रवाई अचानक नहीं बताई जा रही है. इससे पहले सोमवार को सरकारी मीडिया ने नई कासिम बशीर बैलिस्टिक मिसाइल का जिक्र करते हुए तेहरान की सैन्य नीति में बदलाव के संकेत दिए थे. ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि किसी भी खतरे के खिलाफ वह जवाबी कार्रवाई करेगा.

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख मोहसिन रेजाई ने दावा किया था कि इस मिसाइल का परीक्षण अमेरिकी युद्धपोत के खिलाफ किया गया. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई कि परीक्षण में वास्तव में कासिम बशीर मिसाइल का इस्तेमाल किया गया था या नहीं. ईरानी मीडिया ने इस मिसाइल को बड़ी सैन्य उपलब्धि के तौर पर पेश किया है. इसकी रेंज कम से कम 1,200 किलोमीटर बताई जाती है.

ईरान ने पहले किया हमला- अमेरिका का दावा

वहीं, अमेरिका ने पूरे घटनाक्रम को अलग नजरिए से पेश किया है. अमेरिकी पक्ष के मुताबिक, ईरान ने शनिवार को अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन तेल टैंकरों पर हमला किया. अमेरिकी नौसेना का कहना है कि उसके युद्धपोत ईरानी हमलों से सुरक्षित निकल गए.

अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान की ओर से प्रस्तावित एक्सक्लूजन जोन बनाने की योजना को भी खारिज कर दिया है. वॉशिंगटन का कहना है कि यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग खुला रहेगा. अमेरिकी सेना के मुताबिक, उसकी नौसेना ने स्ट्रेट से बारूदी सुरंगें हटाने का काम भी किया है, जिससे दूसरे बंदरगाहों की ओर जाने वाले टैंकरों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है.

होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ा दबाव

ईरानी बंदरगाहों को लेकर अमेरिकी नाकेबंदी भी जारी रहने की बात कही गई है. अमेरिकी सेना के अनुसार, अब तक 94 कमर्शियल जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है, जबकि तीन जहाजों को परिचालन से बाहर कर दिया गया है. दूसरी तरफ, ईरान चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाज तेहरान की ओर से तय किए गए समुद्री रास्ते का इस्तेमाल करें. ऐसे में दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल इस जलडमरूमध्य को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव का असर अब समुद्री परिवहन और तेल आपूर्ति पर भी पड़ने की आशंका बढ़ गई है.

ये भी पढ़ें- भारत को अपना सबसे घातक फाइटर जेट देगा रूस? टेक्नोलॉजी पर भी होगी बात! पुतिन के दौरे से पहले बड़ा अपडेट