BRICS समिट से पहले दिल्ली बनी अभेद्य किला, 100 गाड़ियों का काफिला और NSG कमांडो तैनात, पूरा प्लान तैयार

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया गया है. 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम् में होने वाले इस बड़े सम्मेलन में कई देशों के राष्ट्रपति और वरिष्ठ प्रतिनिधि पहुंचेंगे.

Tight security in Delhi ahead of BRICS summit NSG commandos deployed plan
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BRICS Summit 2026: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया गया है. 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम् में होने वाले इस बड़े सम्मेलन में कई देशों के राष्ट्रपति और वरिष्ठ प्रतिनिधि पहुंचेंगे. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के संभावित भारत दौरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां कोई कमी नहीं छोड़ना चाहतीं.

सम्मेलन की तैयारियों के तहत केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों, दिल्ली पुलिस और विदेशी नेताओं की सुरक्षा टीमों के बीच पहले से कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं. करीब एक महीने पहले हुई समन्वय बैठकों में विदेशी मेहमानों की सुरक्षा, उनके ठहरने और आने-जाने को लेकर कई फैसले लिए गए थे.

कई जगहों पर एनएसजी की मॉक ड्रिल

ब्रिक्स सम्मेलन से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड यानी एनएसजी ने मंगलवार को दिल्ली के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर बड़ा सुरक्षा अभ्यास किया. करीब तीन घंटे चले इस अभ्यास को ‘ऑपरेशन ब्रिक्स कवच’ नाम दिया गया था.

इसमें करीब 100 एनएसजी कमांडो और दिल्ली पुलिस की स्वाट टीम ने हिस्सा लिया. अभ्यास सुबह करीब 11:30 बजे शुरू हुआ और दोपहर 1 बजे तक चला. जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, राजघाट, भारत मंडपम् और आर्मी पोलो ग्राउंड जैसे अहम स्थानों पर सुरक्षा अभ्यास किया गया.

11 बड़े होटलों में भी सुरक्षा जांच

विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और उनके प्रतिनिधिमंडलों के ठहरने के लिए दिल्ली के कई बड़े होटलों को सुरक्षा घेरे में लिया गया है. इन होटलों में ताज होटल, आईटीसी मौर्य, ली मेरिडियन, क्लेरिजेस, द अशोका, द लीला पैलेस, होटल जनपथ, शांगरी-ला और ताजमहल होटल समेत कई प्रमुख होटल शामिल हैं.

सुरक्षा एजेंसियों ने इन जगहों की पहले ही जांच कर ली है. इसके अलावा विदेशी प्रतिनिधिमंडल के लिए गुरुग्राम के एक होटल को भी पहले से तैयार रखा गया है.

कई स्तरों पर होगी विदेशी नेताओं की सुरक्षा

विदेशी मेहमानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ एक एजेंसी के पास नहीं होगी. एनएसजी, दिल्ली पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बल और दूसरी एजेंसियां मिलकर सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगी. होटल से लेकर सम्मेलन स्थल तक हर रास्ते पर निगरानी बढ़ाई गई है.

बम जांच दल, संदिग्ध सामान की जांच और दूसरे सुरक्षा इंतजामों को भी मजबूत किया गया है. विदेशी नेताओं के साथ आने वाली उनकी निजी सुरक्षा टीमों का भी भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल बनाया गया है.

100 गाड़ियों का काफिला भी रहेगा तैयार

विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की आवाजाही के लिए खास काफिले की व्यवस्था की गई है. सुरक्षा व्यवस्था के तहत करीब 100 गाड़ियों का काफिला दिल्ली में तैनात रहेगा. इसमें विदेशी नेताओं की सुरक्षा टीम और भारतीय सुरक्षा अधिकारियों के वाहन भी शामिल होंगे.

सम्मेलन स्थल और होटलों के बीच आने-जाने के दौरान रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी रहेगी. किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं.

भारत मंडपम् में होगा मुख्य कार्यक्रम

ब्रिक्स सम्मेलन का मुख्य आयोजन भारत मंडपम् में होगा. यहीं विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधिमंडलों के बीच आधिकारिक बैठकों और दूसरे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा.

इसके अलावा जिन नेताओं की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या दूसरे भारतीय नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें तय होंगी, वे तय कार्यक्रम के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर जा सकते हैं. हालांकि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विदेशी नेताओं की आवाजाही और निजी कार्यक्रमों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है.

दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान किसी भी तरह की परेशानी न हो और विदेशी मेहमानों की यात्रा सुरक्षित तरीके से पूरी हो सके.

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