पश्चिम एशिया में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव तेज हो गया है. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अगली सूचना तक बंद करने का ऐलान किया है. इसके बाद अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं. इस बढ़ते तनाव का असर दुनिया की तेल और गैस सप्लाई पर भी पड़ सकता है.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना का कहना है कि एक जहाज तय समुद्री मार्ग का पालन नहीं कर रहा था और उसका नेविगेशन सिस्टम भी बंद था. कई बार चेतावनी देने के बाद भी जहाज ने रास्ता नहीं बदला, जिसके बाद उस पर कार्रवाई की गई. इसके साथ ही ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अगली सूचना तक बंद करने की घोषणा कर दी.
Iran's IRGC Navy: "As we stated earlier — any foreign interference or illegal determination of shipping routes in the Strait of Hormuz will be met with a decisive response and will disrupt the normalization of traffic in the strait." 🇮🇷⚓️ pic.twitter.com/F5g2S4Zq1S
— IRGC (@IRGC_Press) July 11, 2026
अमेरिका ने किया जवाबी हमला
ईरान की इस कार्रवाई के बाद अमेरिका ने जवाबी सैन्य अभियान शुरू कर दिया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उसकी सेना ने ईरान के खिलाफ हमलों का तीसरा दौर शुरू किया है. अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई M/V GFS Galaxy नाम के कंटेनर जहाज पर हुए हमले के जवाब में की गई. इस हमले में जहाज में आग लग गई, इंजन को नुकसान पहुंचा और चालक दल का एक सदस्य लापता बताया गया है.
At 7:15 p.m. ET today, U.S. Central Command forces began launching the third round of strikes this week against Iran after Islamic Revolutionary Guard Corps forces blatantly attacked M/V GFS Galaxy, a Cyprus-flagged container ship transiting the Strait of Hormuz. A civilian crew…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 11, 2026
कई शहरों में हुए धमाके
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने बहरीन स्थित अपने सैन्य ठिकाने से मिसाइलें दागीं. इन हमलों में चाबहार, बुशहर, बंदर अब्बास और सिरिक समेत कई इलाकों में विस्फोट हुए. बताया जा रहा है कि ईरान के सात शहरों में कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया.
होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर अल्टीमेटम
अमेरिका ने ईरान से होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि इस कार्रवाई की ईरान को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. वहीं ईरान का कहना है कि जब तक पश्चिम एशिया में अमेरिकी दखल जारी रहेगा, तब तक होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही सामान्य नहीं होगी.
पहले भी हो चुका है टकराव
इससे पहले 7 जुलाई को भी होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य कार्रवाई हुई थी. उस समय भी दोनों देशों के बीच सीजफायर टूट गया था और लगातार दो दिनों तक हमले हुए थे. इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव और बढ़ गया.
मुज्तबा खामेनेई का बड़ा बयान
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद उनके बेटे मुज्तबा खामेनेई ने पहली बार देश को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि उनके पिता और अन्य लोगों की मौत का बदला जरूर लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि ईरान अपने दुश्मनों को जवाब देगा और इसके लिए पूरी तैयारी की जा रही है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिका या उनके खिलाफ कोई हमला हुआ, तो उसका जवाब बेहद ताकतवर तरीके से दिया जाएगा. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका पूरी तरह तैयार है और जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर सैन्य कार्रवाई की जाएगी.