PoK में बवाल! प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के बीच कई लोगों की मौत, भारत से मदद की अपील

Pakistan Occupied Kashmir Violence: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं. चुनाव के दौरान शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच हिंसा की खबरें सामने आई हैं.

Uproar in PoK Several deaths amid crackdown on protesters appeal for help from India
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Pakistan Occupied Kashmir Violence: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं. चुनाव के दौरान शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच हिंसा की खबरें सामने आई हैं. मीडिया रिपोर्ट्स और स्थानीय संगठनों के दावों के अनुसार, सुरक्षाबलों की कार्रवाई में कई लोगों की मौत हुई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल और गिरफ्तार हुए हैं. इन घटनाओं के बाद मानवाधिकार संगठनों और स्थानीय नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.

स्थानीय संगठन ने लगाए गंभीर आरोप

संयुक्त कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) का आरोप है कि 27 और 28 जुलाई को रावलकोट, मीरपुर और आसपास के इलाकों में प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ सुरक्षाबलों ने बल प्रयोग किया.

संगठन का दावा है कि इस कार्रवाई में करीब 40 लोगों की मौत हुई, कई लोग घायल हुए और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया. UKPNP ने यह भी दावा किया है कि 5 जून से अब तक PoK में 100 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.

मानवाधिकार संगठनों ने उठाई जांच की मांग

मानवाधिकार संगठनों ने इन घटनाओं पर चिंता जताई है. एमनेस्टी इंटरनेशनल ने रावलकोट में हुई हिंसा की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. संगठन ने क्षेत्र में संचार सेवाएं जल्द बहाल करने और लोगों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की है. साथ ही, अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी पूरे मामले पर ध्यान देने और निष्पक्ष जांच का समर्थन करने की मांग की गई है.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो

इस बीच सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग मदद की अपील करते दिखाई दे रहे हैं. हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इनके दावों की सत्यता की पुष्टि नहीं की जा सकती.

JAAC नेता ने भी लगाए आरोप

जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेता सरदार अमान खान ने भी सुरक्षाबलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि पिछले दो दिनों में कई निहत्थे प्रदर्शनकारियों की गोलीबारी में मौत हुई है. उन्होंने इस मामले की स्वतंत्र जांच कराने और मृतकों के परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की है. फिलहाल पूरे मामले को लेकर अलग-अलग पक्षों के अपने-अपने दावे हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

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