UPI Safety Tips: भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने लेनदेन को बेहद आसान बना दिया है. आज लोग बिजली का बिल भरने, ऑनलाइन खरीदारी करने और पैसे ट्रांसफर करने जैसे अधिकांश काम कुछ ही सेकंड में कर लेते हैं.
हालांकि, डिजिटल भुगतान की बढ़ती लोकप्रियता के साथ साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं. विशेष रूप से गूगल पे, फोनपे और पेटीएम जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को फर्जी रिक्वेस्ट और ऑनलाइन धोखाधड़ी से सावधान रहने की जरूरत है.
कैसे लोगों को बनाते हैं शिकार?
UPI से जुड़े अधिकांश फ्रॉड सीधे बैंकिंग सिस्टम को हैक करके नहीं किए जाते. ठग अक्सर लोगों को भ्रमित करके खुद ही ट्रांजैक्शन करवाने की कोशिश करते हैं. कई मामलों में यूजर ‘कलेक्ट रिक्वेस्ट’ को पैसे मिलने का संदेश समझ लेते हैं, जबकि वास्तव में उसे स्वीकार करने पर रकम उनके खाते से कट जाती है. इसी तरह की गलतियों के कारण बड़ी संख्या में लोग आर्थिक नुकसान झेल चुके हैं.
ऐप में मौजूद हैं महत्वपूर्ण सुरक्षा विकल्प
अधिकांश UPI एप्लिकेशन में ऐसे कई सुरक्षा फीचर दिए जाते हैं जिन्हें यूजर अपनी सुविधा के अनुसार सक्रिय कर सकते हैं. अलग-अलग ऐप में इनके नाम भले अलग हों, लेकिन उनका उद्देश्य भुगतान को अधिक सुरक्षित बनाना होता है. इन सुविधाओं का उपयोग करके फर्जी लेनदेन और धोखाधड़ी के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
ये चार सुरक्षा फीचर तुरंत करें सक्रिय
बायोमेट्रिक या ऐप लॉक का इस्तेमाल करें
फिंगरप्रिंट या फेस ऑथेंटिकेशन जैसी सुविधाएं सक्रिय करने से कोई भी व्यक्ति आपकी अनुमति के बिना ऐप खोलकर भुगतान नहीं कर सकेगा.
पेमेंट रिक्वेस्ट नोटिफिकेशन चालू रखें
यदि कोई व्यक्ति आपके पास भुगतान संबंधी रिक्वेस्ट भेजता है तो नोटिफिकेशन के जरिए आपको तुरंत जानकारी मिल जाएगी. इससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करना आसान हो जाता है.
पैसे भेजने से पहले विवरण जांचें
किसी भी भुगतान अनुरोध को स्वीकार करने से पहले प्राप्तकर्ता का नाम और UPI आईडी ध्यानपूर्वक जांच लें. जल्दबाजी में किया गया ट्रांजैक्शन नुकसान पहुंचा सकता है.
दैनिक ट्रांजैक्शन लिमिट निर्धारित करें
जहां यह विकल्प उपलब्ध हो, वहां अपनी जरूरत के अनुसार कम दैनिक सीमा तय करें. इससे किसी धोखाधड़ी की स्थिति में बड़े वित्तीय नुकसान की आशंका कम हो जाती है.
QR कोड और फर्जी रिवॉर्ड ऑफर से बचें
साइबर ठग अक्सर कैशबैक, रिफंड या इनाम का लालच देकर नकली QR कोड और लिंक भेजते हैं. कई लोग बिना जांचे इन्हें स्कैन कर लेते हैं, जिसके बाद उनके खाते से पैसे निकल जाते हैं.
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) भी समय-समय पर लोगों को चेतावनी देता रहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति की पेमेंट रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और अपना UPI पिन किसी के साथ साझा न करें.
थोड़ी सी सतर्कता है सबसे बड़ी सुरक्षा
UPI ने लेनदेन को तेज और सुविधाजनक जरूर बनाया है, लेकिन सुरक्षा के प्रति लापरवाही भारी पड़ सकती है. इसलिए अपने UPI ऐप की सुरक्षा सेटिंग्स की समय-समय पर जांच करें और हर भुगतान से पहले आवश्यक सावधानी बरतें. आपकी छोटी सी जागरूकता आपको बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है.
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