यूपी के बुजुर्गों के लिए खुला सरकारी खजाना! योगी सरकार ने पेंशन योजना को दिए 1500 करोड़ रुपये

उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में सामाजिक कल्याण को केंद्र में रखते हुए कई अहम घोषणाएं की हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पेश किए गए इस बजट में उन वर्गों पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिन्हें आर्थिक और सामाजिक सहयोग की सबसे अधिक आवश्यकता है.

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में सामाजिक कल्याण को केंद्र में रखते हुए कई अहम घोषणाएं की हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पेश किए गए इस बजट में उन वर्गों पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिन्हें आर्थिक और सामाजिक सहयोग की सबसे अधिक आवश्यकता है. सरकार का मानना है कि सामाजिक सुरक्षा और शिक्षा में निवेश केवल योजनाओं का विस्तार नहीं, बल्कि राज्य के समावेशी विकास की मजबूत नींव तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

वृद्धावस्था पेंशन के लिए सबसे बड़ा प्रावधान

अनुपूरक बजट में राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है, जो इस बजट की सबसे बड़ी घोषणाओं में शामिल है. इस राशि का उद्देश्य पात्र बुजुर्गों तक समय पर आर्थिक सहायता पहुंचाना और उनकी सामाजिक सुरक्षा को अधिक प्रभावी बनाना है. सरकार का प्रयास है कि बढ़ती महंगाई और बदलती आर्थिक परिस्थितियों के बीच वरिष्ठ नागरिकों को नियमित वित्तीय सहयोग मिलता रहे, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें.

आंबेडकर स्मृति संरक्षण को भी मिली नई मजबूती

सरकार ने डॉ. बी.आर. आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के लिए 407 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इस पहल का उद्देश्य सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के साथ-साथ महापुरुषों की विरासत के संरक्षण से जुड़े कार्यों को गति देना है. वहीं सामान्य वर्ग दशमोत्तर शुल्क प्रतिपूर्ति एवं छात्रवृत्ति योजना के लिए 155 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री मेधावी अनुसूचित जाति एवं जनजाति उच्च शिक्षा सहायता योजना के लिए 2 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है. इन प्रावधानों से आर्थिक रूप से कमजोर और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा जारी रखने में मदद मिलेगी.

कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण पर फोकस

अनुपूरक बजट में किए गए ये प्रावधान इस बात का संकेत हैं कि राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे को और व्यापक बनाना चाहती है. पेंशन, छात्रवृत्ति और शिक्षा सहायता जैसी योजनाओं में अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने का उद्देश्य लाभार्थियों तक समयबद्ध और प्रभावी तरीके से सहायता पहुंचाना है. सरकार का मानना है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मजबूत किए बिना समावेशी विकास का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता.

समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

वित्तीय वर्ष 2026-27 का यह अनुपूरक बजट केवल अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और जनकल्याण की नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास भी है. बुजुर्गों की आर्थिक सुरक्षा, विद्यार्थियों की शिक्षा और सामाजिक समरसता से जुड़ी योजनाओं पर बढ़ा निवेश आने वाले समय में प्रदेश के विकास मॉडल को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है. सरकार को उम्मीद है कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों को सीधा लाभ मिलेगा.

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