बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी भी अपने चरम पर है. इस बार सियासी निशाने पर हैं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, जिन पर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने करारा हमला बोला है. केशव मौर्य ने सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव को घेरते हुए कहा कि सपा का बिहार की राजनीति में कोई वजूद नहीं है, फिर भी अखिलेश यादव यहां प्रचार में व्यस्त हैं.
केशव प्रसाद मौर्य ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव पर कटाक्ष किया. उन्होंने लिखा, कि बिहार के चुनावी पर्व में सपा बहादुर श्री अखिलेश यादव नाहक ही अपना लट्ठ भांज रहे हैं. हकीकत यह है कि इस चुनाव में उनकी सपा न तीन में है और न तेरह में, उनकी पार्टी के लिए दूर तक सूखा ही सूखा है.” मौर्य के इस बयान ने सियासी हलचल मचा दी है. भाजपा नेता का यह बयान स्पष्ट रूप से यह संदेश देता है कि वे बिहार में एनडीए की स्थिति को मजबूत और विपक्ष को कमजोर बताने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं.
पटना एयरपोर्ट पर ‘मुलाकात की मुस्कान’ ने खींचा ध्यान
दिलचस्प बात यह रही कि जिस दिन बयानबाज़ी तेज़ हुई, उसी दिन एक ऐसा पल भी सामने आया जिसने सबका ध्यान खींच लिया. मंगलवार को पटना एयरपोर्ट पर अखिलेश यादव और केशव प्रसाद मौर्य दोनों एक साथ दिखाई दिए. दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और मुस्कुराते हुए बातचीत की. इन तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर धूम मचा दी और लोगों ने इसे “राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में शालीनता की मिसाल” बताया. वहीं, कुछ यूज़र्स ने इसे व्यंग्य के अंदाज़ में लेते हुए कहा कि “सियासत में दुश्मनी नहीं, बस अलग-अलग रास्ते हैं.”
बिहार चुनाव को लेकर मौर्य की जनता से अपील
अपने सियासी प्रतिद्वंद्वी पर हमला करने के साथ-साथ केशव मौर्य ने बिहार के मतदाताओं से लोकतंत्र को मजबूत करने की अपील भी की. उन्होंने कहा विकसित और आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण के लिए पहले मतदान, फिर जलपान करें. मजबूत लोकतंत्र और सशक्त बिहार के निर्माण के लिए जरूरी है कि हर नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग करे.उन्होंने आगे कहा कि एनडीए की सरकार ने बिहार के विकास की दिशा में ठोस काम किए हैं और जनता इस बार भी सुशासन की सरकार को दोहराएगी.
राजनीतिक समीकरण और सियासी पृष्ठभूमि
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का पहला चरण पहले से ही बेहद अहम माना जा रहा है. 18 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग हो रही है और हर पार्टी अपनी पूरी ताकत झोंक रही है. ऐसे में यूपी से अखिलेश यादव का प्रचार करना सपा के लिए एक राजनीतिक संदेश है कि वह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहती है.हालांकि, केशव मौर्य का बयान यह संकेत देता है कि भाजपा और एनडीए बिहार में बाहरी दलों की दखल को तवज्जो नहीं दे रही. राजनीतिक पंडितों के अनुसार, यह बयान न सिर्फ अखिलेश यादव पर निशाना है, बल्कि बिहार के मतदाताओं को यह संदेश देने की कोशिश भी है कि एनडीए का नेतृत्व आत्मनिर्भर बिहार के विजन के साथ आगे बढ़ रहा है.
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