Krishak Durghatna Kalyan Yojana: यूपी में खेती-किसानी का काम जोखिम से भरा हुआ है, और कभी-कभी अचानक होने वाली दुर्घटनाएं किसानों के परिवारों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती हैं. इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2019 में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की शुरुआत की. इस योजना का उद्देश्य किसानों और उनके परिवारों को ऐसी दुर्घटनाओं के दौरान तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि उनका जीवन बिखरने से बच सके.
वित्तीय वर्ष 2025-26 में किसानों को मिली राहत
इस योजना ने अपनी शुरुआत से ही सफलता की नई ऊँचाइयाँ छुई हैं. वित्तीय वर्ष 2025-26 में, अब तक 18,145 किसानों को इस योजना का लाभ मिला है, और उन्हें कुल 873.58 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी गई है. यह राशि उन किसानों के परिवारों के लिए संजीवनी का काम कर रही है, जिन्होंने किसी दुर्घटना में अपने परिवार के कमाने वाले सदस्य को खो दिया है. इस सहायता से ना सिर्फ किसानों का जीवन आसान हुआ है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी स्थिरता मिली है.
2019 से अब तक हुई व्यापक मदद
सीएम योगी द्वारा शुरू की गई इस योजना का असर अब पूरे प्रदेश में महसूस किया जा रहा है. 2019 से लेकर अब तक, 1.08 लाख से अधिक लाभार्थी इस योजना से जुड़े हैं. 2023-24 में इस योजना का दायरा बढ़ाया गया, और अब भूमिहीन किसानों तथा खेतिहर श्रमिकों को भी इसमें शामिल किया गया है. इस बदलाव के साथ, पूरे ग्रामीण क्षेत्र को इस योजना का लाभ मिलने लगा है. वर्ष 2023-24 में, 23,821 किसानों को 944.72 करोड़ रुपये की सहायता दी गई थी, जो दर्शाता है कि योजना किस कदर प्रभावी रही है.
योजना का लाभ और सहायता राशि
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत, यदि किसी किसान की खेती करते समय या अन्य किसी दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है या वह दिव्यांग हो जाता है, तो उसके परिवार को अधिकतम 5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है. यह राशि परिवारों के लिए संकट के समय बेहद सहायक साबित होती है, खासकर जब घर का मुख्य कमाने वाला सदस्य हादसे का शिकार हो जाता है.
फरवरी 2026 तक पूरी तरह डिजिटल होगी योजना
किसानों के लाभ के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना के डिजिटलीकरण का भी निर्णय लिया है. इस योजना को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए एनआईसी (NIC) के साथ मिलकर एक आधुनिक सॉफ्टवेयर और वेब पोर्टल विकसित किया जा रहा है, जो फरवरी 2026 तक पूरी तरह से चालू हो जाएगा. इसके बाद, किसानों को अब तहसील और जिला मुख्यालयों के चक्कर नहीं काटने होंगे. पूरा आवेदन और भुगतान प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाएगी. साथ ही, पोर्टल को डैशबोर्ड से जोड़ा जाएगा ताकि अधिकारियों की निगरानी सुनिश्चित हो सके.
किसान हितैषी सोच का सबूत
यह योजना यूपी सरकार की किसान हितैषी सोच का जीवंत उदाहरण है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह साबित किया है कि सरकार सिर्फ किसानों के लिए फसल खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर रही है. इस योजना के जरिए, किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में सहायता राशि पहुंचाई जाती है, जिससे न सिर्फ उनका विश्वास बढ़ा है, बल्कि पूरे सिस्टम में पारदर्शिता भी आई है.
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