UP Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज बड़ा दिन माना जा रहा है. योगी सरकार 2.0 का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार रविवार दोपहर होने जा रहा है. लखनऊ में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में छह नए नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी. इस विस्तार को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की बड़ी राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है.
सूत्रों के मुताबिक, जिन छह नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है उनमें भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडे, कृष्णा पासवान, हंसराज विश्वकर्मा, कैलाश राजपूत और सुरेंद्र दिलेर के नाम शामिल हैं. खास बात यह है कि इन नए चेहरों के जरिए बीजेपी ने जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है. संभावित मंत्रियों में 1 ब्राह्मण, 3 ओबीसी और 2 दलित नेताओं को शामिल किया गया है.
भूपेंद्र चौधरी: पश्चिमी यूपी के बड़े जाट चेहरे
भूपेंद्र चौधरी बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी के मजबूत जाट नेताओं में गिने जाते हैं. वह मुरादाबाद क्षेत्र से आते हैं और संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है.
भूपेंद्र चौधरी इससे पहले पंचायती राज विभाग में कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. वह पहली बार साल 2016 में विधान परिषद सदस्य बने थे और 2022 में दोबारा एमएलसी मनोनीत किए गए. पार्टी संगठन और जाट समुदाय में उनकी अच्छी पकड़ को देखते हुए उन्हें दोबारा बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है. उनकी उम्र करीब 58 साल बताई जा रही है.
मनोज पांडे: सपा से बीजेपी तक का सफर
रायबरेली की ऊंचाहार सीट से विधायक मनोज पांडे भी इस विस्तार में बड़ा नाम माने जा रहे हैं. वह लगातार तीन बार विधायक चुने गए हैं. 2012, 2017 और 2022 में उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज की थी.
मनोज पांडे ब्राह्मण समाज से आते हैं और अखिलेश यादव सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं. वह समाजवादी पार्टी के मुख्य सचेतक की भूमिका भी निभा चुके हैं. हालांकि 2024 में उन्होंने सपा से दूरी बनाकर बीजेपी का दामन थाम लिया.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मनोज पांडे को मंत्रिमंडल में शामिल कर बीजेपी ब्राह्मण वोट बैंक को मजबूत करने का संदेश देना चाहती है. उनकी उम्र भी करीब 58 साल है.
कृष्णा पासवान: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से मंत्री तक
फतेहपुर जिले की खागा विधानसभा सीट से विधायक कृष्णा पासवान दलित महिला चेहरे के रूप में उभरी हैं. वह चार बार विधायक रह चुकी हैं और जमीनी स्तर की नेता मानी जाती हैं.
उन्होंने पहली बार 2002 में चुनाव जीता था. इसके बाद 2012, 2017 और 2022 में भी जीत दर्ज की. अनुसूचित जाति समाज से आने वाली कृष्णा पासवान का राजनीतिक सफर काफी संघर्षपूर्ण माना जाता है.
हाल ही में उनकी एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी, जिसमें वह फावड़े से नई बनी सड़क की गुणवत्ता जांचती नजर आई थीं. इस घटना के बाद उनकी कार्यशैली की काफी चर्चा हुई थी. उनकी उम्र करीब 63 साल बताई जा रही है.
हंसराज विश्वकर्मा: बूथ कार्यकर्ता से मंत्री बनने तक
वाराणसी से आने वाले हंसराज विश्वकर्मा बीजेपी संगठन के पुराने और सक्रिय नेताओं में गिने जाते हैं. वह वाराणसी बीजेपी के जिलाध्यक्ष हैं और विश्वकर्मा समाज के बड़े ओबीसी चेहरे माने जाते हैं.
बताया जाता है कि उन्होंने पार्टी में बूथ स्तर के कार्यकर्ता के रूप में काम शुरू किया था और धीरे-धीरे संगठन में अपनी मजबूत पहचान बनाई. राजनीतिक हलकों में उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी नेताओं में भी गिना जाता है, क्योंकि उनका राजनीतिक आधार प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से जुड़ा हुआ है.
उनकी उम्र करीब 57 साल बताई जा रही है और मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को पूर्वांचल और ओबीसी समीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है.
कैलाश राजपूत: कन्नौज से OBC प्रतिनिधित्व
कन्नौज की तिर्वा विधानसभा सीट से विधायक कैलाश राजपूत भी संभावित मंत्रियों की सूची में शामिल हैं. वह लोधी समाज से आते हैं और बीजेपी के मजबूत ओबीसी चेहरों में माने जाते हैं.
कन्नौज को लंबे समय तक समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता रहा है. ऐसे में वहां से बीजेपी के नेता को मंत्री बनाना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है. उनकी उम्र करीब 67 साल है.
विश्लेषकों का कहना है कि बीजेपी इस कदम के जरिए ओबीसी समुदाय में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है.
सुरेंद्र दिलेर: सबसे युवा संभावित मंत्री
अलीगढ़ की खैर विधानसभा सीट से विधायक सुरेंद्र दिलेर इस मंत्रिमंडल विस्तार के सबसे युवा चेहरे बताए जा रहे हैं. उनकी उम्र मात्र 31 साल है.
वह अनुसूचित जाति समाज से आते हैं और पहली बार 2024 के उपचुनाव में विधायक बने. सुरेंद्र दिलेर का परिवार लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहा है.
उनके दादा किसान लाल दिलेर हाथरस से चार बार सांसद और पांच बार विधायक रहे थे. वहीं उनके पिता राजवीर दिलेर भी सांसद और विधायक रह चुके हैं. राजनीतिक विरासत और युवा चेहरे के तौर पर बीजेपी उन्हें आगे बढ़ाने की तैयारी में दिखाई दे रही है.
शपथ ग्रहण के बाद CM योगी का कार्यक्रम
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज करीब साढ़े तीन बजे शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे. इसके बाद शाम को लोकभवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में वह ‘कृष्णावतारम’ फिल्म भी देख सकते हैं. बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य भी मौजूद रहेंगे.
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