UP Board Result 2025: फिर लड़कियों ने मारी बाजी, 2014 से लगातार लड़कों से प्रदर्शन बेहतर, देखें आंकड़े

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP बोर्ड) ने कक्षा 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है, और इस बार भी छात्राओं ने अपना परचम लहराया है. पिछले कई वर्षों की तरह इस बार भी लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से बेहतर रहा, जिससे शिक्षा में बेटियों की बढ़ती हिस्सेदारी और सफलता साफ झलकती है.

UP Board Result 2025: Girls outperform boys again consistently outperforming boys since 2014 see figures
प्रतीकात्मक तस्वीर/Photo- ANI

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP बोर्ड) ने कक्षा 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है, और इस बार भी छात्राओं ने अपना परचम लहराया है. पिछले कई वर्षों की तरह इस बार भी लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से बेहतर रहा, जिससे शिक्षा में बेटियों की बढ़ती हिस्सेदारी और सफलता साफ झलकती है.

टॉपर्स ने बढ़ाया मान

कक्षा 10 में जालौन के यश ने 97.83% अंक हासिल कर टॉप किया, जबकि 12वीं में प्रयागराज की महक जायसवाल ने 97.20% अंक के साथ प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया.

बेटियों की शानदार परफॉर्मेंस

कक्षा 10वीं: कुल पास प्रतिशत रहा 90.11%

लड़कियां: 93.87%

लड़के: 86.66%

लड़कियां लड़कों से 7.21% ज्यादा पास हुईं

कक्षा 12वीं: कुल पास प्रतिशत रहा 81.15%

लड़कियां: 88.42%

लड़के: 77.78%

इस बार भी लड़कियां 10% आगे रहीं

लगातार बेहतर होती बेटियां

पिछले कुछ सालों के आंकड़े यह दिखाते हैं कि यह ट्रेंड नया नहीं है. छात्राएं लगातार बेहतर कर रही हैं:

12वीं कक्षा में पासिंग प्रतिशत (लड़कियां बनाम लड़के):

2024:

लड़कियां 88.42%

लड़के 77.78%

2023:

लड़कियां 83%

लड़के 69%

2022:

लड़कियां 90.15%

लड़के 81.21%

10वीं कक्षा में पासिंग प्रतिशत (लड़कियां बनाम लड़के):

2024:

लड़कियां 93%

लड़के 86%

2023:

लड़कियां 93.34%

लड़के 86.64%

2022:

लड़कियां 91.69%

लड़के 85.25%

  • सीतापुर की प्राची और शुभम भी चमके थे 2024 में
  • पिछले साल सीतापुर के सीता बाल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के स्टूडेंट्स ने भी रिकॉर्ड कायम किया था.
  • 10वीं में प्राची निगम ने 600 में से 591 अंक (98.5%) हासिल किए.
  • 12वीं में शुभम वर्मा ने 500 में से 489 अंक (97.8%) पाकर टॉप किया.

रिजल्ट के पीछे बड़ी मेहनत

  • इस साल UP बोर्ड ने रिकॉर्ड समय में काम किया.
  • करीब 54 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी (10वीं और 12वीं मिलाकर)
  • 17 दिन में परीक्षाएं, और सिर्फ 15 दिन में मूल्यांकन
  • 3.5 करोड़ कॉपियों की जांच — यह एक बड़ा प्रशासनिक काम था जिसे बेहतरीन तरीके से अंजाम दिया गया.

उम्मीदों की उड़ान, बेटियों के नाम

लगातार छठे साल बेटियों ने सफलता में बढ़त बनाई है. ये नतीजे सिर्फ आंकड़े नहीं हैं — ये एक बदले हुए समाज की तस्वीर हैं, जहां बेटियां आत्मविश्वास से आगे बढ़ रही हैं, और हर चुनौती को अवसर में बदल रही हैं.

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